डाबर इंडिया में टॉप लेवल पर फेरबदल! 3 दशक बाद मोहित मल्होत्रा का इस्तीफा, अब यह दिग्गज संभालेगा कमान
डाबर इंडिया में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन हुआ है, जहां ग्लोबल सीईओ मोहित मल्होत्रा ने 13 नवंबर 2026 से प्रभावी अपना ...और पढ़ें
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डाबर इंडिया में शीर्ष स्तर पर फेरबदल मोहित मल्होत्रा ने दिया इस्तीफा हरजीत भल्ला संभालेंगे कमान
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| डाबर इंडिया लिमिटेड (Dabur India) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने एक बड़े और अहम नेतृत्व परिवर्तन (Leadership Transition) को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत कंपनी के ग्लोबल चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) और होल-टाइम डायरेक्टर मोहित मल्होत्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 13 नवंबर 2026 से प्रभावी होगा।
मल्होत्रा ने अपनी व्यक्तिगत रुचियों को आगे बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया है, और कंपनी ने डाबर में उनके तीन दशक से अधिक के शानदार योगदान के लिए उन्हें धन्यवाद दिया है।
मोहित मल्होत्रा के इस्तीफे के बाद, डाबर के इंडिया बिजनेस के मौजूदा सीईओ हरजीत एस भल्ला को कंपनी के बोर्ड में पांच साल के कार्यकाल के लिए होल-टाइम डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है।
यह नियुक्ति 14 नवंबर 2026 से नियामकीय मंजूरियों के अधीन प्रभावी होगी। खास बात यह है कि बोर्ड में पदोन्नति मिलने के बाद भी हरजीत एस. भल्ला इंडिया बिजनेस के विकास और रणनीतिक दिशा का नेतृत्व करना जारी रखेंगे।

चार दशकों के अनुभव का मिलेगा लाभ
इस बदलाव पर बात करते हुए डाबर के चेयरमैन मोहित बर्मन ने कहा,
बोर्ड की ओर से मैं मोहित मल्होत्रा को डाबर में तीन दशकों से अधिक की सेवा के लिए धन्यवाद देता हूं। वहीं, भल्ला का बोर्ड में पदोन्नत होना उनके नेतृत्व में हमारे गहरे विश्वास को दिखाता है। हमें पूरा विश्वास है कि ग्रुप के साथ चार दशकों का अनुभव रखने वाले नारंग के रणनीतिक मार्गदर्शन का लाभ इंटरनेशनल बिजनेस सहित डाबर के अन्य कारोबारों को भी मिलता रहेगा।”
चेयरमैन ने यह भी कहा कि यह नियोजित परिवर्तन कंपनी के कामकाज में निरंतरता सुनिश्चित करेगा।
कौन हैं हरजीत एस भल्ला?
हरजीत एस भल्ला इसी साल की शुरुआत में डाबर से जुड़े थे। उनके पास विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों और कारोबारी माहौल में ब्रांड निर्माण और कारोबार के विस्तार का 25 साल से अधिक का लंबा अनुभव है। डाबर से पहले उन्होंने यूनिलीवर में भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में 16 साल से ज्यादा समय तक विभिन्न प्रबंधकीय भूमिकाएं निभाईं।
इसके अलावा, उन्होंने द हर्शी कंपनी और मेट्रो कैश एंड कैरी इंडिया जैसी दिग्गज कंपनियों में भी वैश्विक नेतृत्व के पदों पर काम किया है। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम (ऑनर्स) (1997) और एमडीआई गुरुग्राम से एमबीए (2000) किया है।