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क्यों नहीं बन रहे सस्ते घर, कैसे महंगाई और 50% टैक्स तोड़ रहा आशियाने का सपना? किसने की ₹45 लाख की लिमिट हटाने की मांग

By Jagran BusinessEdited By: Ankit Kumar Katiyar
Published: Fri, 02 Oct 2026 07:01 PM (IST)

Affordable Housing India: क्रेडाई ने कहा है कि महंगे कच्चे माल और 30-50% तक टैक्स के कारण डेवलपर्स सस्ते घर ...और पढ़ें

सस्ते घरों पर महंगाई की मार! क्यों आम आदमी की पहुंच से दूर हो रहे किफायती फ्लैट, CREDAI ने सरकार के सामने रख दी डिमांड?

सस्ते घरों पर महंगाई की मार! क्यों आम आदमी की पहुंच से दूर हो रहे किफायती फ्लैट, CREDAI ने सरकार के सामने रख दी डिमांड?

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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| रियल एस्टेट उद्योग की सबसे बड़े संगठन क्रेडाई ने कहा है कि डेवलपर्स महंगे कच्चे माल और टैक्स के चलते सस्ते घर नहीं बना पा रहे हैं। संगठन ने सरकार से सस्ते अपार्टमेंट की आपूर्ति और मांग बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन देने की अपील की है। क्रेडाई के प्रेसिडेंट शेखर पटेल (shekhar patel credai) ने यह भी कहा कि,

केंद्र सरकार सस्ते घरों की परिभाषा बदले और 45 लाख रुपये प्रति यूनिट की सीमा खत्म करे। उम्मीद है कि सरकार उद्योग की मांग पर ध्यान देगी।"

30 से 50% तक टैक्स सबसे बड़ी रुकावट

क्रेडाई प्रेसिडेंट ने कहा कि जमीन की कीमत, बढ़ती निर्माण लागत और बिक्री मूल्य का 30-50 प्रतिशत तक टैक्स सस्ते घरों की आपूर्ति में सबसे बड़ी रुकावटें हैं। उन्होंने कहा कि डेवलपर्स बिक्री मूल्य का 30 से 50 प्रतिशत तक कर के तौर पर केंद्र, राज्य सरकारों और नगर निगमों को देते हैं।

पटेल ने कहा,

हम इन चुनौतियों को दूर करने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले छह महीनों में सस्ते घरों की आपूर्ति-मांग बढ़ाने के लिए कुछ नीतियों का एलान किया जाएगा।"

किफायती घरों की हिस्सेदारी 14% तक घटी

क्रेडाई प्रेसिडेंट ने कहा कि आवासीय संपत्तियों की कुल बिक्री में किफायती घरों की हिस्सेदारी घटकर 14 प्रतिशत रह गई है। पटेल ने इस बात से इन्कार किया कि आने वाली मौद्रिक नीति में रेपो रेट में संभावित वृद्धि से बिक्री पर बहुत ज्यादा असर पड़ेगा।

एआई की वजह से नौकरियां जाने के खतरे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उद्योग इस तकनीक को अपना रहा है, क्योंकि यह संचालन दक्षता को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो रही है।

आने वाले त्योहारों के मौसम में हाउसिंग बाजार की मांग के बारे में क्रेडाई के चेयरमैन बोमन ईरानी ने कहा कि मांग मजबूत बनी हुई है और मौजूदा तिमाही में अच्छी बिक्री की उम्मीद है।

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