नई दिल्ली, पीटीआइ। कोरोनावायरस महामारी की वजह से देश में इंश्योरेंस सेक्टर की तस्वीर बहुत ज्यादा बदल जाएगी। इस बात की संभावना है कि देश में इंश्योरेंस का विस्तार होगा, कंपनियों की लागत में कमी आएगी और प्रोडक्ट्स में बदलाव देखने को मिलेगा। IndiaFirst Life के डिप्टी सीईओ रिषभ गांधी ने यह बात कही है। गांधी ने बताया कि इंश्योरेंस कंपनियों की लागत में बहुत अधिक कमी आएगी क्योंकि वे अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम जारी रखने की इजाजत दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि इससे ऑफिस से जुड़े खर्च, रेंट इत्यादि का खर्च बचेगा।

गांधी ने कहा, ''इस महामारी से इंश्योरेंस इंडस्ट्री का परिदृश्य बदल जाएगा। बीमा कंपनियों की लागत में कमी आएगी। इसकी वजह यह है कि कंपनियां केवल बहुत जरूरी मदों वाली चीजों पर ही खर्च करेंगी और 'विलासिता' से जुड़े खर्चे बहुत हद तक कम हो जाएंगे।'' 

उन्होंने कहा कि IndiaFirst को वर्क फ्रॉम होम के दौरान 90 फीसद से ज्यादा कार्य दक्षता प्राप्त हुई है और कंपनी को लगता है कि लोग स्थायी तौर पर घर से काम कर सकते हैं। 

गांधी ने कहा, ''इसका मतलब यह है कि अब बहुत से लोगों को रोज ऑफिस आने की जरूरत नहीं है....आप ऑफिस की जगह और रेंट सेव कर सकते हैं। साथ ही कार्यालयों की संख्या में कमी ला सकते हैं। लोग वर्क फ्रॉम होम की रणनीति को जारी रख सकते हैं।'' 

उन्होंने कहा कि 'इस तरह व्यय में बहुत अधिक कमी आएगी।' 

गांधी ने कहा, ''प्रोटेक्शन पोर्टफोलियो के जरिए होने वाले बिजनेस में कई गुना तक की वृद्धि देखने को मिलेगी। वहीं, सेविंग्स की बात की जाए तो लोग गारंटीड रिटर्न वाले प्रोडक्ट्स को चुनेंगे क्योंकि रिटर्न की गांरटी नहीं होने पर लोगों की निर्भरता बाजार के परिदृश्य पर बढ़ जाएगी और आज के समय की अनिश्चितता की वजह से बहुत कम लोग बाजार पर दांव लगाना चाहेंगे।'' 

उन्होंने कहा कि बचत पर ब्याज दरों में कमी आ रही है, इसलिए लोग गारंटीड रिटर्न वाले प्रोडक्ट्स पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। उन्होंने कहा, ''बहुत बड़ी संख्या में लोग इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स में 15-20 साल के लिए अपने पैसे को लॉक कर देने के बारे में सोच रहे हैं क्योंकि बीमा उत्पादों पर ब्याज दरों में कमी आ रही है।''

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