नई दिल्ली, पीटीआइ। वित्त मंत्रालय कोरोनावायरस और इसके संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए 21 दिन के लॉकडाउन से प्रभावित अर्थव्यवस्था के लिए दूसरे राहत पैकेज पर काम कर रहा है। सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी। पिछले महीने सरकार ने 1.70 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की थी। इस राहत पैकेज के तहत समाज के गरीब एवं वंचित तबके को अनाज एवं नकद हस्तानांतरण के जरिए मदद पहुंचाने का ऐलान किया गया था। सूत्रों ने बताया कि अब सरकार आज के हालात से सबसे ज्यादा प्रभावित सेक्टर्स के लिए प्रोत्साहन पैकेज पर काम कर रही है।

अगले कुछ दिन में हो सकती है घोषणा

सूत्रों ने बताया कि अगले कुछ दिन में इस बाबत घोषणा हो सकती है। यह महामारी से जुड़े हालात पर निर्भर करता है। इसके अलावा समाज के गरीब एवं वंचित तबके एवं अन्य लोगों की परेशानियों को कम करने के लिए भी सरकार राहत के उपायों पर काम कर रही है।  

सूत्रों ने बताया कि वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से गठित अधिकार प्राप्त समूह दूसरे राहत पैकेज पर लगातार काम कर रहा है। पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री कार्यालय ने आर्थिक मामलों के सचिव अतनु चक्रवर्ती की अध्यक्षता में सात सदस्य वाले अधिकार प्राप्त समूह का गठन किया था। यह समूह दैनिक आधार पर स्थिति की निगरानी कर रहा है।

यह समूह ना सिर्फ इकोनॉमी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गौर कर रहा है, बल्कि इस महामारी की वजह से दिक्कतों का सामना कर रहे लोगों की समस्याओं पर भी ध्यान दे रहा है।

समूह में शामिल हैं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी

चक्रवर्ती के अलावा इस समूह में व्यय सचिव टी वी सोमनाथन, श्रम सचिव हीरालाल समारिया, ग्रामीण विकास सचिव राजेश भूषण, फाइनेंशियल सर्विसेज विभाग के अतिरिक्त सचिव पंकज जैन, प्रधानमंत्री कार्यालय में संयुक्त सचिव अरविंद श्रीवास्तव और कैबिनट सेक्रेटेरियट में उप सचिव आम्रपाली काटा शामिल हैं। यह समूह ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं पर भी गौर कर रहा है।  

सूत्रों के मुताबिक समूह MSME, Hospitality, नागर विमानन, कृषि और संबंधित क्षेत्र जैसे प्रभावित सेक्टर्स की परेशानियों को ध्यान में रखकर प्रोत्साहन पैकेज पर काम कर रहा है।

सूत्रों ने बताया कि पैकेज तैयार होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्रीय कैबिनेट उसकी समीक्षा करेगी। उसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण दूसरे राहत पैकेज की घोषणा कर सकती हैं। 

Posted By: Ankit Kumar

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