जब दातुन वाले देश ने पहली बार किया 'मंजन': 1937 की वो शुरुआत, जो आज बन चुकी है 5 लाख करोड़ का साम्राज्य!
कोलगेट ने 1937 में भारत में अपना पहला कमर्शियल टूथपेस्ट लॉन्च कर ₹5 लाख करोड़ से अधिक का साम्राज्य खड़ा ...और पढ़ें

'क्या आपके टूथपेस्ट में नमक है'? ai photo
HighLights
1937 में भारत में पहला कमर्शियल टूथपेस्ट लॉन्च किया।
आज ₹5000 करोड़ से अधिक का सालाना टर्नओवर।
भारतीय टूथपेस्ट बाजार में 45-50% हिस्सेदारी कायम।
बिजेनस डेस्क, नई दिल्ली: भारत में सुबह उठकर ब्रश करने को आज भी ज्यादातर घरों में कोलगेट (colgate) करना ही कहा जाता है। यह सिर्फ एक ब्रांड नहीं, बल्कि भारतीयों की रोजमर्रा की जिंदगी का एक अटूट हिस्सा बन चुका है। भारत में ओरल केयर (Oral care) मार्केट पर एकछत्र राज करने वाली कंपनी कोलगेट-पामोलिव (इंडिया) लिमिटेड (CPIL) ने भारत में अपनी धाक जमाई है।
दातुन और कोयले से दांत साफ करने वाले देश में अपने पहले कमर्शियल टूथपेस्ट 1937 में लॉन्च किया और आज हजारों करोड़ का साम्राज्य खड़ा हो चुका है।
जब भारत में आया था पहला कमर्शियल टूथपेस्ट
कोलगेट-पामोलिव (इंडिया) लिमिटेड को 23 सितंबर, 1937 को शुरू किया गया था, जिससे यह भारत की सबसे पुरानी FMCG कंपनियों में से एक बन गई। जब कोलगेट ने भारत में कदम रखा, तो दांतों की सफाई को रोज़ाना की आम आदत नहीं माना जाता था। उस समय टूथपाउडर का इस्तेमाल आम था, मुंह की सेहत के बारे में जागरूकता कम थी, और वैज्ञानिक तरीके से बने टूथपेस्ट का बाज़ार अभी बन ही रहा था।
सिर्फ़ अपना प्रोडक्ट बेचने के बजाय, कोलगेट ने एक अलग तरीका अपनाया — उसने भारतीय ग्राहकों में ब्रश करने की आदत डालने के लिए मुंह की सेहत से जुड़ी शिक्षा और जागरूकता अभियानों में निवेश किया। इस दूरदर्शी सोच ने कोलगेट को भारतीय परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बनने में मदद की, और ऐसा उसने बाजार में मुकाबला बढ़ने से काफी पहले ही कर लिया था।
इस ब्रांड की मूल कंपनी, कोलगेट-पामोलिव USA की शुरुआत 1806 में हुई थी, जब विलियम कोलगेट ने न्यूयॉर्क में साबुन और मोमबत्ती की दुकान खोली थी। 1928 में पामोलिव-पीट कंपनी के साथ विलय और 1953 में नाम बदलकर कोलगेट-पामोलिव करने से यह एक बड़ी ग्लोबल कंपनी बनी, जो अपनी विशेषज्ञता भारत लेकर आई।
शेयर का बेताज बादशाह
आज कोलगेट-पामोलिव (इंडिया) लिमिटेड (CPIL) शेयर बाजार BSE और NSE की सबसे मजबूत और भरोसेमंद एफएमसीजी (FMCG) कंपनियों में गिनी जाती है। बता दें कि आंकड़ो के हिसाब से कंपनी का सालाना टर्नओवर अब ₹5 लाख करोड़ के पार पहुंच चुका है। लगातार शानदार प्रॉफिट मार्जिन के साथ यह कंपनी अपने निवेशकों को बंपर डिविडेंड (Dividend) देने के लिए जानी जाती है।
कड़े कॉम्पिटिशन (पतंजलि, डाबर और एचयूएल) के बावजूद, आज भी भारतीय टूथपेस्ट मार्केट के करीब आधे हिस्से (लगभग 45-50%) पर अकेले कोलगेट का कब्जा है।
कोलगेट की ग्रोथ जर्नी
Colgate ने भारत में अपनी शुरुआत लोगों को पारंपरिक टूथपाउडर से आधुनिक टूथपेस्ट की ओर मोड़ने से की। 1980 के दशक तक बेहतरीन विज्ञापनों के दम पर यह हर घर की पहचान बन गया और 1983 में 'कोलगेट प्लस' टूथब्रश लॉन्च कर अपना विस्तार किया। 1990 के दशक में जब HUL के 'क्लोज अप' ने जेल टूथपेस्ट बाजार में चुनौती दी, तो कोलगेट ने तुरंत 'मैक्सफ्रेश' (MaxFresh) उतारकर उसे कड़ी टक्कर दी। अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए, 1994 में कोलगेट ने 'सिबाका' (Cibaca) ब्रांड को खरीद लिया, जिससे सस्ते टूथपेस्ट सेगमेंट में उसका दबदबा कायम हो गया और एक बड़ा प्रतिस्पर्धी रास्ते से हट गया।
कोलगेट इंडिया का वित्तीय प्रदर्शन
* मजबूत ब्रांड और नए उत्पादों के दम पर वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का राजस्व ₹5,187 करोड़, 2023-24 में ₹5,644 करोड़, और 2024-25 में 6.3% की सालाना वृद्धि के साथ ₹5,999 करोड़ रहा।
* वित्त वर्ष 2024 में कंपनी के एबिटडा (EBITDA) में सालाना आधार पर 22.87% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई।
* 2026 की शुरुआत के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹49,792 करोड़ है।
* NSE और BSE दोनों पर लिस्टेड कोलगेट को भारत की सबसे अनुशासित FMCG कंपनियों में गिना जाता है, जो निवेशकों को मजबूत रिटर्न (ROE) और लगातार लाभांश (Dividend) देने के लिए प्रसिद्ध है।
प्राउडली 'मेड इन इंडिया'
भले ही कोलगेट एक अमेरिकी मल्टीनेशनल कंपनी है, लेकिन भारत में बिकने वाला इसका लगभग 100% माल यही बनता है। कंपनी ने भारत में एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क तैयार किया है।
* हिमाचल प्रदेश के बद्दी (Baddi), गुजरात के साणंद (Sanand), आंध्र प्रदेश के श्री सिटी (Sri City) और गोवा में कोलगेट के अत्याधुनिक प्लांट मौजूद हैं।
* इन प्लांट्स से न सिर्फ भारत की मांग पूरी होती है, बल्कि यहां से अन्य देशों को निर्यात (Export) भी किया जाता है।
कोलगेट की सामाजिक पहल
Colgate सिर्फ प्रोडक्ट बेचने तक सीमित नहीं है। कंपनी ने 1976 में भारत में ब्राइट स्माइल्स, ब्राइट फ्यूचर्स प्रोग्राम की शुरुआत की थी। इसके तहत कंपनी अब तक करोड़ों स्कूली बच्चों को मुफ्त में ओरल हेल्थ एजुकेशन, टूथूब्रश और टूथपेस्ट बांट चुकी है।
