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सीएम विजय ने लिखा केंद्र सरकार को पत्र, टेक्सटाइल इंडस्ट्री और इंपोर्ट ड्यूटी को लेकर की बड़ी मांग

Published: Mon, 18 May 2026 11:40 AM (IST)

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कपास पर 11% आयात शुल्क हटाने की मांग ...और पढ़ें

CM Vijay ने केंद्र सरकार को लिखा पत्र

CM Vijay ने केंद्र सरकार को लिखा पत्र

HighLights

  1. सीएम विजय ने कपास आयात शुल्क हटाने की मांग की।

  2. टेक्सटाइल उद्योग पर कच्चे माल की कमी का दबाव।

  3. कपास और सूत की कीमतों में भारी वृद्धि हुई।

नई दिल्ली| तमिलनाडु के नए-नवेले मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने टेक्सटाइल और गारमेंट इंडस्ट्री (textile industry) में पड़ रहे बोझ को लेकर केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। सीएम विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कपास पर लगाए जाने वाली 11 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी को हटाने की मांग की है। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि कपास और सूत की कीमतों में लगातार तेजी से बढ़ोतरी हुई है जिससे कि इस उद्योग पर भारी दबाव पड़ रहा है। अगर जल्द राहत नहीं मिली, तो देश का टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर बड़े संकट में आ सकता है।

दो महीने में तेजी से बढ़ी कीमतें

मुख्यमंत्री विजन ने बताया कि बीते दो महीनों में कपास की कीमत ₹54,700 प्रति कैंडी से बढ़कर ₹67,700 तक पहुंच गई है। कीमतों में करीब 25 प्रतिशत का उछाल आया है। इसके अलावा सूत की कीमत भी ₹301 प्रति किलो से बढ़कर ₹330 प्रति किलो हो गई है। इस बढ़ोतरी का असर सीधे कपड़ा उद्योग को प्रभावित कर रहा है।

कच्चे माल की कमी से उद्योग में दबाव

दक्षिणी भारत मिल संघ ने बताया कि, जब 11 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी लगाई गई थी, तब देश में 353 लाख गांठ कपास का उत्पादन हो रहा था, जबकि घरेलू खपत 320 लाख गांठ थी। अब कपास उत्पादन घटकर 291 लाख गांठ रह गया है, जबकि घरेलू मांग 328 लाख गांठ तक पहुंच गई है। इसके अलावा सरकार के ताजा अनुमानों के अनुसार, इस सीजन में कपास का कुल उत्पादन 292 लाख गांठ रहने की उम्मीद है।

सीएम विजय की अपील

सीएम विजय ने बताया कि उत्पादन में कमी और भारी मांग के चलते बाजार में कच्चे माल की कमी हो रही है। इस कमी का सीधा असर टेक्सटाइल और गारमेंट इंडस्ट्री में देखने को मिलेगा। इंडस्ट्री से दबाव को हटाने के लिए उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कपास पर लगने वाले 11 प्रतिशत आयात शुल्क को हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि इंपोर्ट ड्यूटी लगाए जाने के कारण इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ रहा है।

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बड़ा रोजगार क्षेत्र है कपड़ा उद्योग

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री लोगों के रोजगार का दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र है। इसमें करीब 4.5 करोड़ लोग सीधे तौर पर काम करते हैं। इसके अलावा कपड़ा उद्योग का भारत की जीडीपी (GDP) में 2.3% से अधिक का योगदान भी है।