साइबर ठगों के निशाने पर छोटी NBFCs, चीनी AI टूल्स की मदद से डेढ़ महीने में ₹300 करोड़ की ठगी
साइबर अपराधियों ने चीनी AI टूल्स का उपयोग कर भारत की छोटी NBFCs को निशाना बनाया है, जिससे पिछले डेढ़-दो ...और पढ़ें

साइबर ठगों के निशाने पर छोटी NBFCs, चीनी AI टूल्स की मदद से डेढ़ महीने में ₹300 करोड़ की ठगी
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। देशभर की छोटी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) पर साइबर अपराधियों ने बड़ा हमला बोला है। पिछले डेढ़-दो महीनों में साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) के जरिए लगभग ₹300 करोड़ उड़ाए जा चुके हैं। वहीं इस मामले में अब तक करीब 150 शिकायतें और FIR दर्ज हो चुकी हैं। रिपोर्ट्स की माने तो ये हमले पहले भी होते रहे हैं, लेकिन पिछले डेढ़ महीने में ज्यादा बढ़ गई। साथ ही ये भी सामने आया कि इसके पीछे किसी चाइनीज एआई टूल का हाथ है।
किसका फायदा उठा रहे ठग?
Economic Times में पब्लिश हुई रिपोर्ट के हिसाब से अपराधी उन NBFCs को निशाना बना रहे हैं जिनका टर्नओवर 1,000 करोड़ रुपये या उससे कम है, क्योंकि इनकी साइबर सुरक्षा व्यवस्था काफी कमजोर होती है। 15 अक्टूबर तक बैंकिंग रेगुलेटर के पास कुल 8,502 NBFCs रजिस्टर्ड थीं। अब तक सामने आए मामलों में सबसे ज्यादा शिकायतें मुंबई (करीब 30), दिल्ली (25 से ज्यादा) और चेन्नई (15-16) समेत अन्य शहरों में दर्ज की गई हैं।
चाइनीज AI का हो रहा इस्तेमाल
साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी जांच में पाया कि इन हमलों के पीछे चीनी हैकिंग प्लेटफॉर्म 'साइबरस्ट्राइक' (CyberStrike) और 'आर्टेक्स' (ARTEX) जैसे AI टूलकिट्स का हाथ है। इसके अलावा DeepSeek, Qwen, Kimi और GLM जैसे चीनी ओपन-सोर्स मॉडल्स का इस्तेमाल करके भारत ही नहीं, बल्कि जापान और दक्षिण कोरिया जैसी जगहों पर भी फाइनेंशियल सिस्टम को निशाना बनाया जा रहा है।
ET की रिपोर्ट में एक अधिकारी ने बताया कि छोटे NBFCs ये नहीं जानते कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था कैसी होनी चाहिए और ऑडिट कब-कब होना चाहिए, जिससे उनके सिस्टम बहुत कमजोर पड़ जाते हैं। ठग किसी भी NBFC को निशाना बनाने से पहले 10-12 दिनों तक उसके कामकाज का पूरा जायजा लेते हैं। वे देखते हैं कि पेमेंट कैसे होती है, कौन-सी IDs अप्रूव्ड हैं और कोड में क्या कमियां हैं।
NBFCs के लिए जारी हुई एडवाइजरी
देश की प्रमुख साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने चेतावनी दी है कि इस एआई टूल्स की वजह से सिस्टम में सेंध लगाने से लेकर नुकसान पहुंचाने का समय दिनों से घटकर अब कुछ ही घंटों का रह गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन भारतीय कंपनियों पर हमले हुए हैं, उन्हें अपने ग्राहकों को तुरंत सतर्क करना चाहिए ताकि वे किसी भी तरह के फर्जीवाड़े या फिशिंग कॉल्स से बच सकें। एजेंसियों ने सभी संस्थानों को अपनी साइबर सुरक्षा तुरंत मजबूत करने की सख्त सलाह दी है।
