यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चिदंबरम ने आईएमएफ के वृद्धि के अनुमान पर प्रश्न उठाया
वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 3.8 प्रतिशत रहने के अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष [आईएमएफ] ...और पढ़ें

वाशिंगटन। वित्तामंत्री पी चिदंबरम ने चालू वित्ता वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 3.8 प्रतिशत रहने के अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष [आईएमएफ] के अनुमान पर प्रश्न उठाते हुए उसे अपने आकलन के तरीके की समीक्षा करने को कहा है। चिदंबरम ने आईएमएफ की निगरानी गतिविधियों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाया है।
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चिदंबरम डब्लूइओ के जुलाई अपडेट में भारत की वृद्धि दर 5.6 फीसद रहने के अनुमान के बारे में बोल रहे थे। इसे अब घटाकर 3.8 प्रतिशत कर दिया गया है। वित्तामंत्री ने शुक्रवार को कहा कि हम इस निराशाजनक परिदृश्य से सहमति नहीं रखते हैं। हमारा यह भी मानना है कि वृद्धि अनुमान के तौर तरीके की नए सिरे से समीक्षा किए जाने की जरूरत है। पूर्व में भी आईएमएफ के अनुमान अंतिम वृद्धि आंकड़ों से अलग रहे हैं।
वित्तामंत्री ने कहा कि हाल के वित्ताीय बाजार घटनाक्रम ने सभी को हैरान किया है। चिदंबरम ने कहा कि महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्यों कोष का मौजूदा निगरानी तंत्र बाजार के प्रभाव का अंदाजा लगाने में विफल रहा है। इससे पहले इसी सप्ताह चिदंबरम ने वाशिंगटन में कहा था कि 2013-14 में भारतीय अर्थव्यवस्था 5 फीसद से अधिक की दर से बढ़ेगी और संभवत: वृद्धि दर 5.5 प्रतिशत के आसपास रहेगी।
