नई दिल्ली, पीटीआइ। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBIC) ने 47 दिनों में 11,052 करोड़ रुपये के जीएसटी रिफंड के दावों को मंजूर किया है। सीबीआईसी ने सोमवार को यह जानकारी दी। सीबीआईसी ने एक ट्वीट में कहा, 'सीबीआईसी लॉकडाउन के दौरान जीएसटी करदाताओं खासतौर से एमएसएमई सेक्टर्स की लिक्विडिटी को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।' ट्वीट में कहा गया कि आठ अप्रैल से 24 मई के बीच 11,052 करोड़ रुपये के 29,230 रिफंड क्लेम को मंजूरी दी गई है। सीबीआईसी ने कहा कि वर्क फ्रॉम होम को सुनिश्चित करते हुए रिफंड मंजूर किये गए हैं।

वित्त मंत्रालय द्वारा आठ अप्रैल को कहा गया था कि कोरोना वायरस के प्रकोप और लॉकडाउन के दौर में करदाताओं की मदद के लिए सभी पेंडिंग जीएसटी और कस्टम रिफंड्स को जारी करने का निर्णय लिया गया है, जिससे एमएसएमई सहित एक लाख व्यापारिक संस्थाओं को मदद मिलेगी। मंत्रालय ने कहा था कि दिया जाने वाला कुल रिफंड करीब 18,000 करोड़ रुपये का होगा।

सीबीआईसी ने अपने फिल्ड ऑफिसर्स से जीएसटी और कस्टम रिफंड के लिए क्लेम करने वाली व्यापारिक संस्थाओं से भौतिक रुप में दस्तावेज जमा करने के लिए कहने की बजाय सभी कम्युनिकेशंस के लिए ऑफिशियल ई-मेल का प्रयोग करने के लिए कहा था। सीबीआईसी ने कोरोना संकट के इस विकट समय में करदाताओं को तुरंत जीएसटी रिफंड जारी कराने का निर्णय लिया।

इससे पहले कर विभाग ने शुक्रवार को बताया था कि उसने 16.84 लाख करदाताओं को अप्रैल से अब तक 26,242 करोड़ रुपये का आयकर रिफंड जारी कर दिया है। कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन के बीच लोगों और फर्मों को तत्काल लिक्विडिटी की राहत उपलब्ध कराने के लिए रिफंड की प्रक्रिया में तेजी लाकर कर विभाग ने कम समय में ये रिफंड जारी किए। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने बताया था कि एक अप्रैल से 21 मई के बीच 16,84,298 करदाताओं को आयकर रिफंड मिला।

 

Posted By: Pawan Jayaswal

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस