English Oven ब्रेड और Storia पर बड़ा एक्शन, 100% नेचुरल के नाम पर दे रहे थे धोखा! लगा 1 लाख का जुर्माना
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने भ्रामक "100%" दावों के लिए स्टोरिया फूड्स और इंग्लिश ओवन पर 1-1 लाख रुपये ...और पढ़ें

English Oven ब्रेड और Storia पर CCPA का बड़ा एक्शन (AI फोटो)
HighLights
सीसीपीए ने भ्रामक "100%" दावों पर जुर्माना लगाया।
स्टोरिया और इंग्लिश ओवन पर 1-1 लाख का जुर्माना।
कंपनियों को भ्रामक विज्ञापन हटाने का निर्देश दिया गया।
नई दिल्ली। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने 'स्टोरिया फूड्स एंड बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड' और 'इंग्लिश ओवन' ब्रेड बनाने वाली कंपनी 'मिसेज बेक्टर्स फूड स्पेशलिटीज लिमिटेड' पर एक- एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सीसीपीए ने रविवार को कहा कि यह जुर्माना इसलिए लगाया गया, क्योंकि इन कंपनियों ने अपने उत्पादों को लेकर विज्ञापनों में "100%" का भ्रामक दावा किया।
सीसीपीए ने दोनों कंपनियों को यह भी निर्देश दिया है कि वे प्रोडक्ट की पैकेजिंग, आधिकारिक वेबसाइट और सभी डिजिटल प्लेटफार्म से उन दावों को तुरंत हटा लें। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम और भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम और भ्रामक विज्ञापनों संबंधित दिशानिर्देश के तहत यह कार्रवाई की गई। सीसीपीए ने कहा, 100%' शब्द सटीक और और पूर्ण संख्यात्मक पैमाना है। इसे हल्के-फुल्के ढंग से, अंदाजन या मार्केटिंग स्लोगन के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
सीसीपीए ने 'स्टोरिया फूड्स' के उन विज्ञापनों पर खुद संज्ञान लिया जिनमें "100% टेंडर कोकोनट वाटर" (नारियल पानी) और 100% अनार, मिक्स्ड फ्रूट, आम और अमरूद-मिर्च वाले जूस का दावा किया गया था। इन प्रोडक्ट्स का प्रचार कंपनी की वेबसाइट, प्रोडक्ट पैकेजिंग और ई-कामर्स प्लेटफार्म पर किया गया था। जांच में पता चला कि 100% नारियल पानी का दावा गुमराह करने वाला था। नारियल पानी में प्रिजर्वेटिव्स थे। इससे साबित हुआ कि "100% नेचुरल" होने के दावा भी पूरी तरह से गलत था।
सीसीपीए ने अखबार और कंपनी की वेबसाइट, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और प्रोडक्ट पैकेजिंग पर छपे 'इंग्लिश ओवन' के विज्ञापनों की जांच की। इन विज्ञापनों में "100% आटा ब्रेड", "100% होल व्हीट ब्रेड" जैसे दावे शामिल थे। कार्रवाई के दौरान, कंपनी ने खुद माना कि उसके ब्रेड में सिर्फ़ 87 प्रतिशत साबुत गेहूं का आटा था। सीसीपीए ने पैकेजिंग पर "100% होल व्हीट ब्रेड" और "ज़ीरो मैदा" के एक साथ इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए।
मिसेज बेक्टर्स ने तर्क दिया कि "100% आटा" का मकसद सिर्फ यह बताना था कि अनाज के तौर पर सिर्फ़ गेहूं के आटे का इस्तेमाल किया गया है, न कि यह दावा करना कि उत्पाद पूरी तरह से गेहूं से बना है। सीसीपीए ने इस तर्क को पूरी तरह से खारिज कर दिया। कहा कि विज्ञापनों को उपभोक्ता के नज़रिए से देखा जाना चाहिए।
विज्ञापन देने वालों की तकनीकी या बाद में दी गई सफाई, खरीदारों पर पड़ने वाले असर से ज़्यादा अहम नहीं हो सकतीं। अगर कोई बात उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकती है, तो विज्ञापन देने वाले का इरादा मायने नहीं रखता। उपभोक्ताओं को गुमराह किए जाने पर सख्त कार्रवाई होती रहेगी।
