नई दिल्ली, एजेंसी। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) का डॉक्यूमेंटेशन आइडेंटिफिकेशन नंबर सिस्टम (DIN) मंगलवार से शुरू हो गया है। सरकार ने डॉक्यूमेंटेशन आइडेंटिफिकेशन नंबर को फेसलेस असेसमेंट के लिए लॉन्च किया है। वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार, लॉन्च होने के पहले ही दिन 17,500 नंबर जनरेट किए जा चुके हैं।

वित्त मंत्रालय ने एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा है कि डीआईएन सिस्टम वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के निर्देशन में तैयार किया गया है और अब सभी सीबीडीटी कम्युनिकेशन में एक डॉक्यूमेंटेशन आइडेंटिफिकेशन नंबर होना चाहिए। साथ ही वित्त मंत्रालय ने कहा कि डीआइएन सिस्टम आयकर प्रशासन में उच्च स्तर की पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करेगा।

राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय ने कहा कि सिर्फ विशेष परिस्थितियों को छोड़कर हर तरह का कम्युनिकेशन डीआइएन की सहायता से ही होगा। अगर इसके बिना किसी तरह की बातचीत करने की जरूरत हुई तो इसके लिए आयकर विभाग के चीफ कमिश्नर या डायरेक्टर जनरल से लिखित में अनुमति लेनी पड़ेगी। इसके बिना किसी भी तरह के कम्युनिकेशन को अवैध करार दिया जाएगा।

इसके साथ ही राजस्व सचिव अजय भूषण पांडे ने यह भी कहा कि अब से डीआईएन (DIN) के साथ सभी कम्युनिकेशन ई-फाइलिंग पोर्टल पर सत्यापन योग्य होंगे और सिवाय विशेष परिस्थितियों के कोई भी कम्युनिकेशन बिना डीआईएन के मैन्युअल रूप से जारी नहीं किया जाएगा।

इससे पहले सीबीडीटी ने कहा था कि अक्टूबर से आयकर विभाग और असेसीज के बीच सभी तरह का कम्युनिकेशन एक डीआइएन नंबर की सहायता से किया जाएगा। सीबीडीटी ने यह कदम पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए उठाया है।

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