नई दिल्ली (पीटीआई)। ब्रिटेन की कंपनी केयर्न एनर्जी पीएलसी ने भारत से मुआवजे की राशि 24.9 करोड़ डॉलर (करीब 1,600 करोड़ रुपये) बढ़ा दी है। जबकि भारत सरकार पूर्ववर्ती टैक्स डिमांड को रिफंड में एडजस्ट करने वाली है।

केयर्न ने पिछले साल जुलाई में अंतरराष्ट्रीय पंचाट न्यायाधिकरण के समक्ष भारत सरकार से 5.6 अरब डॉलर (करीब 36000 करोड़ रुपये) मुआवजे की मांग की थी। सरकार की ओर से पूर्ववर्ती कर लगाये जाने के कारण कंपनी ने मुआवजे की मांग की है। सरकार ने कंपनी की भारतीय सहायक कंपनी के लगभग एक दशक पुराने पुनर्गठन के मामले में 10,247 करोड़ रुपये की कर मांग की है।

कंपनी ने अपनी अर्धवार्षिक वित्तीय रिपोर्ट में कहा कि सरकार ने कर की मूल राशि पर ब्याज के रूप में 18,800 करोड़ रुपये की और मांग की है। इस ब्याज मांग को आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण ने खारिज कर दिया। इसके बाद आयकर विभाग ने ब्याज सहित एक संशोधित टैक्स डिमांड रखी, जिसमें फरवरी 2016 से यानी एसेसमेंट ऑर्डर के 30 दिन बाद से ब्याज को शामिल किया गया।

यह ब्याज इस समय 1440 करोड़ रुपये (लगभग 224 करोड़ डॉलर) बनता है। केयर्न के अनुसार इस राशि की वसूली के लिए कर विभाग ने उसे लाभांश के रूप में वेदांता से मिलने वाले 10.47 करोड़ डॉलर (करीब 671 करोड़ रुपये) की आय को कुर्क कर लिया है।

Posted By: Praveen Dwivedi

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