15000 से 25000 रुपये होगी EPF और EPS पर कवरेज की अधिकतम सीमा? कैबिनेट में प्रस्ताव पर हो सकता है विचार
मोदी सरकार की कैबिनेट मीटिंग में एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS) के तहत अनिवार्य कवरेज के ...और पढ़ें

HighLights
कैबिनेट बैठक में EPF EPS वेतन सीमा पर चर्चा होगी।
अनिवार्य कवरेज 15,000 से बढ़कर 25,000 रुपये हो सकती है।
नियोक्ता का योगदान मौजूदा 15,000 रुपये पर ही रहेगा।
नई दिल्ली। मोदी सरकार की कैबिनेट मीटिंग (Modi Cabinet Meet) में आज कुछ अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है। खबर है कि केंद्रीय कैबिनेट एक प्रस्ताव पर विचार कर सकती है, जिसमें एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS) के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने का सुझाव है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से इस बात की जानकारी दी गई है।
15,000 रुपये की सीमा 1 सितंबर, 2014 से वैसी ही बनी हुई है। यह सीमा उस सैलरी लेवल को तय करती है, जहाँ तक कर्मचारियों को EPF और EPS के तहत अनिवार्य रूप से कवर किया जाता है।
क्या होगा असर?
हालांकि, कवरेज की सीमा बढ़ाने का मतलब यह ज़रूरी नहीं है कि एम्प्लॉयर को ज़्यादा अनिवार्य योगदान देना होगा। कंपनियां मौजूदा ₹15,000 की सीमा का इस्तेमाल करके ही अपना योगदान तय कर सकती हैं; यानी अनिवार्य कवरेज ₹25,000 तक की सैलरी पर लागू हो सकता है, जबकि एम्प्लॉयर का योगदान मौजूदा स्तर पर ही बना रहेगा।
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बता दें कि कैबिनेट की बैठक में Data Protection Board of India के गठन को मंजूरी संभव है। इस नए सिस्टम में Data Breach पर शिकायत और जांच, Privacy Rules तोड़ने पर कंपनियों पर कार्रवाई,नियमों के उल्लंघन पर Penalty के प्रावधान शामिल होंगे, साथ ही Board में 4 सदस्य और पूरा Board Digital-first तरीके से काम करेगा।
