BRICS समिट वेन्यू भारत मंडपम को बनाने वाली 161 साल पुरानी कंपनी का मालिक कौन? TATA से कनेक्शन, L&T को टक्कर
देश की राजधानी में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मेजबान भारत मंडपम का निर्माण शापूरजी पलोनजी ग्रुप ने किया है। इस ...और पढ़ें

भारत मंडपम का निर्माण शापूरजी पलोनजी ग्रुप ने किया।
HighLights
भारत मंडपम का निर्माण शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप ने किया।
कंपनी की टाटा संस में 18.37% की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है।
भारत मंडपम के निर्माण में लगभग 2700 करोड़ रुपये लगे।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। देश की राजधानी में प्रगति मैदान पर बना भारत मंडपम भारत के सबसे चर्चित कन्वेंशन सेंटर में से एक है। 2023 में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान दुनिया की नजरें इसी जगह पर थीं। और अब यहीं पर ब्रिक्स सम्मेलन हो रहा है। भारत मंडपम में आज यानी 12 और 12 अगस्त को ब्रिक्स में शामिल देशों को जमावड़ा (BRICS Summit 2026) लगेगा। इस चर्चित कन्वेंशन सेंटर में कई बड़े अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस भव्य परिसर के निर्माण में किस कंपनी ने किया? अगर नहीं तो आज हम आपको इस लेख में इसके निर्माण की कहानी बनाएं। साथ में भी यह बताएंगे कि आखिर भारत मंडपम को बनाने वाली कंपनी का टाटा समूह से क्या रिश्ता है?
L&T को टक्कर देने वाली कंपनी ने किया भारत मंडपम का निर्माण
जिस भारत मंडपम में BRICS समिट का आयोजन हो रहा है उसका निर्माण शापूरजी पलोनजी ग्रुप (Shapoorji Pallonji Group) ने की थी। इस कंपनी की शुरुआत 1865 में हुई थी। यानी यह कंपनी 161 साल पुरानी है। यानी यह कंपनी टाटा समूह से भी पुरानी। शापूरजी पलोनजीग्रुप भारत की सबसे बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनी एलएंडटी को सीधे टक्कर देती है।
शापूरजी पलोनजी ग्रुप का मालिकाना हक और नियंत्रण मिस्त्री परिवार के पास है, और शापूर मिस्त्री इसके चेयरमैन हैं। यानी शापूरजी पलोनजी ग्रुप का मालिक मिस्त्री परिवार है।
खास बात यह है कि भारत मंडपम को बनाने में लार्सन एंड टुब्रो का भी रोल रहा है। L&T इस इलाके के आस-पास के बड़े इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स में बड़े पैमाने पर शामिल थी। L&T ने भारत मंडपम सुविधा के आसपास ट्रैफिक को आसान बनाने के लिए डिजाइन किए गए कॉम्प्लेक्स मल्टी-अंडरपास और ट्रांजिट कॉरिडोर प्रोजेक्ट का निर्माण किया।
शापूरजी पलोनजी ग्रुप भारत के पुराने कारोबारी समूहों में से एक है। इसका कारोबार निर्माण, इंजीनियरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है। समूह ने भारत के अलावा विदेशों में भी कई बड़े प्रोजेक्ट बनाए हैं।
भारत मंडपम का निर्माण कार्य भारत व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO) के प्रोजेक्ट के तहत हुआ, जबकि NBCC प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट के तौर पर जुड़ा था। शापूरजी पलोनजी की आधिकारिक वेबसाइट भी भारत मंडपम को अपने प्रमुख निर्माण प्रोजेक्ट्स में शामिल करती है।
कितने रुपये की लागत से बना था भारत मंडपम
भारत मंडपम को बनाने में लगभग 2700 करोड़ रुपये का खर्च आया था। इस प्रोजेक्ट को शुरू में जनवरी 2017 में सरकार ने 2254 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ मंजूरी दी थी, जो पूरा होने तक बढ़कर 2700 करोड़ रुपये हो गई। इसका निर्माण नवंबर 2017 में शुरू हुआ और G20 शिखर सम्मेलन से पहले, जुलाई 2023 में इसके उद्घाटन के लिए यह बनकर तैयार हो गया।
टाटा संस में है Shapoorji Pallonji Group की हिस्सेदारी?
शापूरजी पलोनजी ग्रुप के चेयरमैन शापूर मिस्त्री हैं। मिस्त्री परिवार का टाटा समूह से भी पुराना कारोबारी संबंध रहा है। यही वजह है कि शापूरजी पलोनजी ग्रुप को टाटा समूह से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण बाहरी शेयरधारकों में गिना जाता है।
शापूरजी पलोनजी ग्रुप के पास Tata Sons में करीब 18.37% हिस्सेदारी है। टाटा संस, टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी है। यानी एक तरफ शापूरजी पलोनजी ग्रुप देश के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन कारोबार में मौजूद है, तो दूसरी तरफ उसके पास टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी में भी बड़ी हिस्सेदारी है।
टाटा संस में यह हिस्सेदारी SP Group के लिए बेहद महत्वपूर्ण संपत्ति है। 2026 में समूह ने इस हिस्सेदारी के एक हिस्से को मोनेटाइज करने और इसके जरिए बड़ी रकम जुटाने की योजनाओं पर काम किया है। रिपोर्टों के मुताबिक, समूह ने अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए टाटा संस में मौजूद हिस्सेदारी का इस्तेमाल फंड जुटाने में भी किया है।
क्या है भारत मंडपम की खासियत
भारत मंडपम को प्रगति मैदान के बड़े पुनर्विकास प्रोजेक्ट के तहत तैयार किया गया। यह अत्याधुनिक कन्वेंशन और एग्जीबिशन सेंटर है, जिसमें बड़े हॉल, बैठक कक्ष, ऑडिटोरियम और अन्य सुविधाएं हैं। इसका इस्तेमाल G20 शिखर सम्मेलन के लिए भी किया गया था।
इस तरह भारत मंडपम सिर्फ एक इमारत नहीं है, बल्कि इसके पीछे देश की प्रमुख निर्माण कंपनियों में से एक Shapoorji Pallonji Group की इंजीनियरिंग क्षमता और दशकों का अनुभव भी जुड़ा है।
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