नई दिल्ली (प्रवीण द्विवेदी)। पेट्रोल-डीजल के मोर्चे पर आम आदमी को राहत मिलती नहीं दिख रही है। जनवरी 2018 से ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा जारी है। अब ब्रेंट क्रूड में आए उबाल ने इसमें और तेजी की संभावनाओं को तेज कर दिया है। ब्रेंट क्रूड मौजूदा समय में 74 डॉलर प्रति बैरल के पार कारोबार कर रहा है। नवंबर 2014 के बाद का यह ब्रेंट क्रूड का उच्चतम स्तर है। जानकारों का मानना है कि अगर क्रूड में यह बढ़त जारी रही तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दामों में इजाफा देखने को मिल सकता है।

ब्रेंट क्रूड में आए उबाल की क्या है वजह?

केडिया कमोडिटी के प्रमुख अजय केडिया ने बताया कि ओपेक देशों ने कहा है कि दिसंबर तक प्रोडक्शन कट करने के पीछे का जो उनका मकसद था उसे उन्होंने हासिल कर लिया है। वहीं दूसरी तरफ ट्रंप ने इस फैसले को बेहतर नहीं माना है। ट्रंप की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि ओपेक ने आर्टिफिशियल तरीके से कीमतें बढ़ा रखी हैं और वो इसे किसी भी लिहाज से स्वीकार नहीं करेगा। ओपेक के जवाब में अमेरिका ने कहा है कि वो अपना प्रोडक्शन बढ़ाएगा। यह क्रूड के लिए एक निगेटिव बात होगी। वहीं दूसरी तरफ सऊदी का कहना है कि जैसा कि वह अपना सऊदी अरामको का आईपीओ लाना चाहता है लिहाजा क्रूड का स्तर 80 से 100 डॉलर प्रति बैरल के बीच रह सकता है। 

सऊदी और अमेरिका की तकरार से और बढ़ सकता है क्रूड?

केडिया ने कहा कि सऊदी और अमेरिका के बीच क्रूड को लेकर ट्रेड वार जैसे हालात पैदा हो रहे हैं। जहां एक ओर अमेरिका का कहना है कि वो अपना प्रोडक्शन बढ़ाकर चल रहे हैं ताकि कीमतों को स्थिर रखा जा सके,यानी  अमेरिका कीमतों को कम रखना चाहता है जबकि सऊदी कीमतों को बढ़ाने पर तुला है। ऐसे में यह स्थिति क्रूड में और उबाल लाने के लिए जिम्मेदार होगी।

क्रूड की मौजूदा स्थिति: डब्ल्यूटीआई क्रूड मौजूदा समय में 0.40 फीसद की गिरावट के साथ 68.06 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं ब्रेंट क्रूड 74.06 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

कैसे तय होती है पेट्रोल-डीजल की कीमत?

16 जून 2016 से पहले पेट्रोल की कीमतें हर महीने में दो बार तय होती थीं। महीने की 15 या 16 तारीख को और महीने की 30 या 31 तारीख को। हालांकि अब नियमित आधार पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें रोजाना बदल रही हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्रूड और डॉलर की स्थिति की भी काफी अहम भूमिका होती है। ऐसे में अगर क्रूड का बढ़ना जारी रहा तो आप मान सकते हैं कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।

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