नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। सरकारी क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनी भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) ने अपनी भावी कारोबारी नीति का एलान कर दिया है। अभी तक पेट्रोलियम उत्पादों की रिफाइनिंग और रिटेलिंग पर केंद्रित इस कंपनी ने गैर-पेट्रो ईंधन बाजार पर ज्यादा फोकस करने का फैसला किया है। अगले पांच वर्षों में कंपनी कुल एक लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसका एक बड़ा हिस्सा वैकल्पिक स्वच्छ ईधनों के विकास व मार्केटिंग पर लगाया जाएगा। कंपनी अपने मौजूदा पेट्रोल पंपों को इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के चार्जिग स्टेशन के तौर पर विकसित करने को लेकर भी काफी उत्साहित है। कंपनी अगले कुछ ही समय के भीतर 7,500 चार्जिग स्टेशन शुरू करने की तैयारी में है।

बीपीसीएल के चेयरमैन अरुण कुमार सिंह ने एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि अगले पांच वर्षों में 20,000 करोड़ रुपये का निवेश गैस मार्केटिंग में अपनी उपस्थिति को मजबूत बनाने के लिए किया जाएगा। पेट्रो रसायन क्षेत्र में क्षमता विस्तार पर कंपनी 30,000 करोड़ रुपये लगाएगी। इसी अवधि में 7,000 करोड रुपये बायोफ्यूल्स पर और 5,000 करोड़ रुपये नवीकरणीय ऊर्जा पर किया जाएगा।

सिंह के अनुसार दुनिया की तरह भारतीय ईधन बाजार में भी तेजी से बदलाव होगा और कंपनी उसी के मुताबिक अपनी रणनीति भी बदल रही है। बायो-ईंधन में विस्तार के लिए दूसरी कंपनियों के अधिग्रहण को वरीयता दी जाएगी। इसका मकसद यह है कि कंपनी के पास गैर-पारंपरिक ऊर्जा से 1,000 मेगावाट बिजली बनाने की क्षमता हो। कंपनी के पास अभी 19,000 पेट्रोल पंप हैं लेकिन कालांतर में इनमें से 7,000 बिक्री केंद्रों इलेक्टि्रक वाहनों की चार्जिग सुविधा से भी लैस किया जाएगा।

बीपीसीएल की अभी मुंबई (महाराष्ट्र), कोच्चि (केरल) और बीना (मध्य प्रदेश) में तीन रिफाइनरियां हैं। कोच्चि में कंपनी एक अत्याधुनिक पेट्रोरसायन संयंत्र भी लगा रही है। सिंह का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास पर काफी गहन अध्ययन किया जा रहा है। कोच्चि व लखनऊ में कंपनी ने तिपहिया वाहनों के लिए बैटरी अदला-बदली की भी शुरुआत की है।

Edited By: Ankit Kumar