नई दिल्ली, पीटीआइ। बैंक अधिकारी बिना किसी डर-भय के फैसले ले सकें इसके लिए केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने 50 करोड़ रुपये से अधिक की बैंक धोखाधड़ी की जांच को लेकर सलाहकार बोर्ड का गठन किया है। पूर्व सतर्कता आयुक्त टी एम भसीन इस बोर्ड के प्रमुख होंगे। इस बोर्ड का काम बैंकिंग धोखाधड़ी की जांच करना और कार्रवाई की सिफारिश करना रहेगा।

माना जा रहा है कि इस फैसले से बैंक अधिकारियों में भरोसा जगेगा और उनकी ओर से किए गए सही फैसलों को लेकर उनपर अभियोजन नहीं चलेगा। इससे बैंक अधिक कर्ज दे सकेंगे। हालांकि, यह बोर्ड को तय करना होगा कि कोई मामला आपराधिक है या यह एक सही वाणिज्यिक फैसला था। इसी के आधार पर बोर्ड कार्रवाई की सिफारिश करेगा।

बता दें कि बैंकिंग धोखाधड़ी पर सलाहकार बोर्ड (एबीबीएफ) का गठन रिजर्व बैंक के साथ सलाह मशविरा के बाद किया गया है। सीवीसी ने एक आदेश में कहा कि एबीबीएफ बड़े धोखाधड़ी के मामलों में पहले स्तर की जांच का काम करेगा। उसके बाद ही सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक जांच एजेंसियों से जांच की सिफारिश कर सकेंगे। चार सदस्यीय बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में महाप्रबंधक और और उससे ऊपर के स्तर के अधिकारी से जुड़े मामले आएंगे। बैंक 50 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के सभी मामले बोर्ड के पास भेजेंगे और उसकी सिफारिश या सलाह पर संबंधित बैंक उस मामले में आगे की कार्रवाई करेंगे।  

Posted By: Nitesh

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