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Bank Strike: 5 दिन वर्किंग की मांग पर अड़े कर्मचारी, सरकार ने जारी किया नोटिस; क्या 3 दिन बंद रहेंगे बैंक?

Published: Tue, 22 Sep 2026 12:47 PM (IST)

Bank Holiday: केंद्र सरकार ने बैंक यूनियनों से 28-30 सितंबर 2026 को प्रस्तावित हड़ताल वापस लेने की अपील की है। ...और पढ़ें

सरकार ने की हड़ताल वापस लेने की अपील

सरकार ने की हड़ताल वापस लेने की अपील

HighLights

  1. सरकार ने बैंक यूनियनों से हड़ताल वापस लेने की अपील की।

  2. बैंक कर्मचारी '5 दिन वर्किंग' की मांग पर अड़े हुए हैं।

  3. हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं और वित्तीय कामकाज प्रभावित होंगे।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बैंक कर्मचारियों की 28 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक 3 दिनों की देशव्यापी बैंक हड़ताल को लेकर अपील जारी कर दी है। बैंक यूनियनों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांग ' 5 डे वर्किंग (5 दिन काम) को लेकर हड़ताल (Bank Strike) पर जाने की चेतावनी दी है। हालांकि, आम जनता की सुविधाओं और वित्तीय कामकाज पर पड़ने वाले असर को देखते हुए सरकार ने बैंक यूनियनों से हड़ताल वापस लेने की सख्त अपील की है।

क्या है बैंक कर्मचारियों की मुख्य मांग?

अभी देशभर के बैंकों में महीने के दूसरे (2nd) और चौथे (4th) शनिवार को छुट्टी रहती है, जबकि पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को बैंक खुले रहते हैं। बैंक यूनियनों की मांग है कि शनिवार की सभी छुट्टियां घोषित की जाएं, यानी बैंकों में केवल सोमवार से शुक्रवार तक ही काम हो (5 Day Working)। यह मांग इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच हुए वेतन समझौते का भी एक अहम हिस्सा रही है।

सरकार ने क्या अपील की है?

लगातार बन रहे दबाव और प्रस्तावित हड़ताल के बीच, सरकार और श्रम मंत्रालय ने इस मामले में दखल दिया है। सरकार ने बैंक यूनियनों से अपील की है कि वे सितंबर में प्रस्तावित अपनी हड़ताल को वापस ले लें। सरकार का कहना है कि '5-Day Work Week' की मांग पर विचार किया जा रहा है और बातचीत के जरिए इसका समाधान निकाला जा सकता है। सरकार का मुख्य तर्क यह है कि अचानक हड़ताल पर जाने से देश की अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन पर नकारात्मक असर पड़ेगा।

क्या-क्या काम होंगे ठप्प?

हड़ताल वाले दिन बैंकों की शाखाओं में होने वाले काम (Bank Holiday) जैसे— कैश जमा करना, नकद निकासी, पासबुक अपडेट और ड्राफ्ट बनवाना पूरी तरह से प्रभावित होंगे। चेक क्लियरिंग हाउस (Cheque Clearing) का काम रुक सकता है, जिससे चेक क्लियर होने में सामान्य से ज्यादा समय लगेगा। नए लोन की फाइलिंग और अप्रूवल का काम भी अटक सकता है।

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