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Bank FD पर मिल रहा महंगाई से भी कम ब्याज, इन योजनाओं में निवेश से बना सकते हैं मोटी रकम

बैंक के फिक्स्ड डिपाजिट (Fixed Deposit) से आय पर निर्भर वरिष्ठ नागरिकों और अन्य निवेशकों को मिल रहा ब्याज वास्तविक महंगाई से कम है। रिजर्व बैंक ने अपनी नवीनतम मौद्रिक नीति में चालू वित्त वर्ष के दौरान खुदरा महंगाई दर 5.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।

By Ankit KumarEdited By: Published: Wed, 13 Oct 2021 08:17 AM (IST)Updated: Wed, 13 Oct 2021 09:03 AM (IST)
आरबीआइ ने पिछले सप्ताह कहा था कि कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स आधारित महंगाई के 2021-22 के दौरान 5.3 प्रतिशत रहेगी।

नई दिल्ली, पीटीआइ। बैंक के फिक्स्ड डिपाजिट (Fixed Deposit) से आय पर निर्भर वरिष्ठ नागरिकों और अन्य निवेशकों को मिल रहा ब्याज वास्तविक महंगाई से कम है। रिजर्व बैंक ने अपनी नवीनतम मौद्रिक नीति में चालू वित्त वर्ष के दौरान खुदरा महंगाई दर 5.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। आरबीआइ ने पिछले सप्ताह कहा था कि कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स आधारित महंगाई के 2021-22 के दौरान 5.3 प्रतिशत रहेगी। इस पर देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक के पास एक वर्ष के लिए एफडी कराने पर निगेटिव ब्याज मिलेगा और बचतकर्ता के लिए वास्तविक ब्याज दर (-) 0.3 प्रतिशत होगी।

वास्तविक ब्याज दर बैंक द्वारा दी जा रही ब्याज दर में महंगाई की दर को घटाकर जानी जा सकती है। अगस्त में महंगाई दर 5.3 प्रतिशत रही है। हालांकि सितंबर में यह थोड़ी कम जरूर हुई है, लेकिन तिमाही या छमाही आकलन पर इससे बहुत ज्यादा फर्क नहीं दिखेगा। दो से तीन वर्षो के लिए एफडी कराने पर 5.10 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा, जो चालू वित्त वर्ष के लिए अनुमानित महंगाई से कम है।

निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा कर्जदाता एचडीएफसी बैंक एक से दो वर्ष की अवधि के 4.90 प्रतिशत ब्याज दर देता है। जबकि दो से तीन वर्षो के लिए ब्याज दर 5.15 प्रतिशत है। हालांकि सरकार द्वारा चलाई जाने वाली छोटी बचत योजनाएं बैंकों की सावधि जमा दरों की तुलना में बेहतर रिटर्न दे रही हैं। छोटी बचत योजनाओं के तहत एक से तीन साल की सावधि जमा के लिए ब्याज दर 5.5 प्रतिशत है, जो महंगाई दर से अधिक है।

ग्रांट थार्नटन इंडिया के पार्टनर विवेक अय्यर ने कहा कि वास्तविक दरें कुछ समय के लिए नकारात्मक रह सकती हैं और यह जरूरी है कि लोग वित्तीय साक्षरता के आधार पर सही निवेश विकल्प को चुनें।

रिसर्जेट इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर ज्योति प्रकाश गाड़िया ने कहा कि जमा पर कम ब्याज मिलने का असर दिखाई दे रहा है और लोग बेहतर रिटर्न के लिए म्यूचुअल फंड और इक्विटी में निवेश कर रहे हैं।

इन योजनाओं में निवेश कर सकते हैं वरिष्ठ नागरिक:

सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम की अवधि पांच साल की होती है। इसके तहत एक से अधिक अकाउंट खोला जा सकता है लेकिन इसमें अधिकतम 15 लाख रुपये का ही निवेश हो सकता है। अप्रैल-जून तिमाही के लिए सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम का ब्याज 7.4 प्रतिशत रही है। हालांकि इससे हुई कमाई पर टैक्स लगता है।

प्रधानमंत्री वय वंदन योजना की अवधि बढ़ाकर अब 31 मार्च, 2023 कर दी गई है। इसमें प्रवेश की उम्र 60 साल है। 31 मार्च, 2021 को खत्म हुए वित्त वर्ष में इस पर 7.40 प्रतिशत ब्याज मिल रहा था। इसमें हर साल ब्याज दर निर्धारित की जाएगी। इसमें भी अधिकतम 15 लाख रुपये तक जमा किया जा सकता है। दस वर्ष की पालिसी अवधि तक पेंशनर के जीवित रहने पर निवेश की हुई रकम और फाइनल पेंशन किस्त जोड़कर मिलेगी।

डाकघर की मासिक आय स्कीम की अवधि पांच साल के लिए होती है। इसमें एक बार तय ब्याज दर ही आखिर तक मिलती है। जून तिमाही में खत्म हुई तिमाही में ब्याज दर 6.6 प्रतिशत थी। एक सिंगल अकाउंट के जरिये अधिकतम 4.5 लाख रुपये जमा किया जा सकता है. वही ज्वाइंट अकाउंट के जरिये नौ लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं।


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