सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बांग्लादेश में खारा संकट, भारतीय नमक में अधिक सोडियम क्लोराइड बढ़ा रहा पड़ोसियों की मुश्किलें! कारोबारी क्यों कर रहे रोक की मांग?

Published: Fri, 25 Sep 2026 01:58 PM (IST)Updated: Fri, 25 Sep 2026 02:02 PM (IST)

बांग्लादेश सरकार ने 1.5 लाख टन कच्चे नमक के आयात को मंजूरी दी है, जिससे भारत से नमक निर्यात को ...और पढ़ें

बांग्लादेश में नमक संकट की आहट

बांग्लादेश में नमक संकट की आहट

HighLights

  1. बांग्लादेश ने 1.5 लाख टन कच्चे नमक आयात को मंजूरी दी।

  2. भारत से नमक निर्यात को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

  3. स्थानीय नमक किसानों और उद्योग ने फैसले का विरोध किया।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| बांग्लादेश सरकार ने 1.5 लाख टन (150,000 टन) कच्चे नमक के आयात को मंजूरी दे दी है। माना जा रहा है कि इस फैसले से भारत से नमक निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है, क्योंकि बांग्लादेश अपने नमक आयात के लिए भारत पर काफी हद तक निर्भर रहता है। हालांकि, इस फैसले का वहां के नमक किसानों और रिफाइनिंग उद्योग ने विरोध किया है।

बांग्लादेश सरकार का कहना है कि कॉक्स बाजार क्षेत्र में खराब मौसम के कारण नमक का प्रोडक्शन प्रभावित हुआ है। ऐसे में भविष्य में संभावित कमी से बचने के लिए इंपोर्ट की अनुमति दी गई है। दूसरी ओर, किसान संगठनों और उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि देश में पहले से पर्याप्त नमक उपलब्ध है और आयात की कोई तत्काल जरूरत नहीं है, इससे कीमतें गिर सकती हैं।

BSCIC ने जारी की मंजूरी

बांग्लादेशी मीडिया "द डेली स्टार" के मुताबिक 23 सितंबर को बांग्लादेश के मुख्य आयात एवं निर्यात नियंत्रक कार्यालय ने वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की सिफारिश पर 1.5 लाख टन कच्चे नमक के आयात को मंजूरी दी। यह कोटा बांग्लादेश स्मॉल एंड कॉटेज इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन (BSCIC) द्वारा चिन्हित 251 रजिस्टर्ड नमक मिलों को आवंटित किया गया है।

बांग्लादेशी कारोबारियों की बढ़ी चिंता

सॉल्ट फार्मर वेलफेयर एसोसिएशन के सेकेट्री जनरल गियास उद्दीन ने कहा कि देश में मौजूद नमक का भंडार कम से कम दो महीने की मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त है। उनके मुताबिक किसानों और मिल मालिकों के पास मिलाकर 10 लाख टन से अधिक कच्चा नमक मौजूद है। उन्होंने चेतावनी दी कि उत्पादन सीजन से पहले आयात शुरू होने पर स्थानीय बाजार में कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।

ACI कंज्यूमर ब्रांड्स के मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) मोहम्मद कमरुल हसन ने कहा कि BSCIC के आंकड़ों के अनुसार देश में 6 से 7 लाख टन नमक का स्टॉक मौजूद है। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश में नया नमक उत्पादन सीजन नवंबर से शुरू होकर मई तक चलता है और यह पूरी तरह मौसम पर निर्भर रहता है।

भारत का नमक अधिक किफायती होने से बढ़ी परेशानी

हसन के अनुसार बांग्लादेश में नमक की सालाना मांग करीब 20 लाख टन है, जिसमें औद्योगिक और खाने योग्य दोनों तरह का नमक शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत से आने वाला नमक अधिक सोडियम क्लोराइड होने के कारण रिफाइनिंग के लिहाज से अपेक्षाकृत सस्ता पड़ता है।

ये भी पढ़ें: भारतीय चीनी को लेकर अमेरिका से आई गुड न्यूड, कम ड्यूटी के साथ बढ़ाया 542 टन निर्यात का एक्स्ट्रा कोटा!

उद्योग प्रतिनिधियों का अनुमान है कि 1.5 लाख टन नमक के आयात से बांग्लादेश से कम से कम 60 लाख डॉलर की विदेशी मुद्रा बाहर जाएगी। वहीं, स्थानीय किसान संगठनों का कहना है कि यदि आयात के कारण घरेलू कीमतें गिरती हैं तो किसानों की नमक प्रोडक्शन में रुचि कम हो सकती है।