नई दिल्ली (जेएनएन)। कर्ज के भारी बोझ से जूझ रही टेलिकॉम कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन ने शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर अनिश्चितता भरे माहौल में निवेशकों को भरोसा दिलाने की कोशिश की। अनिल अंबानी ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि भविष्य में विकास के मामले में भारतीय दूरसंचार क्षेत्र के बीच कंपनी की स्थिति काफी बेहतर है।

क्या कहा अनिल अंबानी ने:
अनिल अंबानी ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा, “इंडियन टेलिकॉम सेक्टर के बीच भविष्य की ग्रोथ के लिहाज से कंपनी की स्थिति काफी यूनीक है। कर्जदारों ने हमारी ओर से कर्ज चुकाने की योजनाओं को स्वीकार कर लिया है और हमने एक ज्वाइंट वेंचर बनाया है। कर्ज की मौजूदा स्थिति को सुधारने में 7 और महीनों का वक्त लग सकता है। विस्वास कीजिए एयरसेल और ब्रोकफील्ड की डील से कर्जा 60 फीसद तक कम हो जाएगा।”

रिलायंस कम्युनिकेशंस के एक अधिकारी ने बताया कि भारत में टैक्स संरचना के साथ दूरसंचार क्षेत्र भारी बोझ है। उन्होंने कहा कि अगर दूरसंचार क्षेत्र की वर्तमान स्थिति की बात करें तो यह मौजूदा समय में कर्ज के बोझ से दबी है। गौरतलब है कि हाल ही में रेटिंग एजेंसी फिच ने भी आर कॉम की रेटिंग को डाउनग्रेड कर दिया था।

रिलायंस कम्युनिकेशंस के एक अधिकारी ने कहा, “भरोसा कीजिए, भारत की टैक्स संरचना के कारण देश के टेलिकॉम सेक्टर पर कर्ज का भारी बोझ है।” उन्होंने कहा कि दूरसंचार क्षेत्र की वृद्धि जीडीपी के समानुपाती होती है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस सेक्टर में अगले तीन साल तक कर जीएसटी टैक्स बढ़ोत्तरी पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए।

Posted By: Praveen Dwivedi

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