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'अब अटैक मोड का समय...' आनंद महिंद्रा ने बताया M&M का मास्टरप्लान, इस शहर में ₹15000 करोड़ का निवेश

Published: Thu, 30 Jul 2026 07:14 PM (IST)

आनंद महिंद्रा ने महिंद्रा एंड महिंद्रा के लिए 'अटैक मोड' रणनीति की घोषणा की है, जिसके तहत कंपनी अगले 10 सालों में नागपुर में ₹15,000 करोड़ का निवेश करेगी।

महिंद्रा का 'अटैक मोड' मास्टरप्लान: आनंद महिंद्रा ने नागपुर में ₹15,000 करोड़ के निवेश का किया एलान

महिंद्रा का 'अटैक मोड' मास्टरप्लान: आनंद महिंद्रा ने नागपुर में ₹15,000 करोड़ के निवेश का किया एलान

HighLights

  1. महिंद्रा एंड महिंद्रा का नागपुर में ₹15,000 करोड़ का निवेश।

  2. आनंद महिंद्रा ने 'अटैक मोड' रणनीति की घोषणा की।

  3. कंपनी की इनोवेशन क्षमता बढ़ी, पेटेंट 56 से 1300+ हुए।

नई दिल्ली। Mahindra & Mahindra Investment Plan: महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) आने वाले सालों में अपनी ग्रोथ की रफ़्तार बढ़ाने की तैयारी कर रही है। महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इसके साथ ही महिंद्रा एंड महिंद्रा के मालिक, चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने शेयरहोल्डर्स को भेजे एक मैसेज में, कहा कि मौजूदा ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच, कंपनी के लिए अब सिर्फ हालात का सामना करने का नहीं, बल्कि मौकों का फ़ायदा उठाकर तेजी से आगे बढ़ने का समय आ गया है। उन्होंने इस स्ट्रैटेजी को 'अटैक मोड' का नाम दिया। इसी भविष्य की स्ट्रैटेजी के तहत, कंपनी ने अगले 10 सालों में नागपुर में ₹15,000 करोड़ के इन्वेस्टमेंट का एलान किया है। आनंद महिंद्रा ने कहा कि यह कंपनी के इतिहास में घोषित सबसे बड़े संभावित निवेशों में से एक है और भविष्य के प्रति भरोसे का एक मजबूत संकेत है।

M&M नागपुर में ₹15,000 करोड़ का निवेश करेगी

आनंद महिंद्रा के अनुसार, महिंद्रा एंड महिंद्रा अगले 10 वर्षों में नागपुर में ₹15,000 करोड़ का निवेश करने की योजना बना रही है। उन्होंने इसे कंपनी के भविष्य की संभावनाओं में भरोसे का एक बड़ा उदाहरण बताया।

यह निवेश ऐसे समय में किया गया है जब कंपनी मोबिलिटी, इनोवेशन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर अपना ध्यान बढ़ा रही है। आनंद महिंद्रा ने कंपनी के NU IQ प्लेटफॉर्म का भी ज़िक्र किया और बताया कि इसका इस्तेमाल मोबिलिटी और आराम के मामले में नए बेंचमार्क सेट करने के लिए किया जा रहा है।

आनंद महिंद्रा ने 'अटैक मोड' की बात क्यों की?

आनंद महिंद्रा ने मौजूदा दौर को ऐसा समय बताया है जब कंपनी को सिर्फ हालात के हिसाब से रास्ता खोजने के बजाय अपनी रफ़्तार बढ़ानी चाहिए। उनके शब्दों में, अब 'नेविगेशन से एक्सेलरेशन' की ओर बढ़ने का समय आ गया है। उन्होंने इसके उदाहरण के तौर पर फ़ॉर्मूला E के 'अटैक मोड' का ज़िक्र किया।

आनंद महिंद्रा के अनुसार, 'अटैक मोड' का मतलब आक्रामक होना या बिना सोचे-समझे जोखिम उठाना नहीं है; बल्कि, इसमें सही समय पर रणनीतिक रूप से रफ़्तार बढ़ाना शामिल है, तब भी जब हालात पूरी तरह से अनुकूल न हों।

वे बताते हैं कि जब आगे का रास्ता बारिश, कोहरे या अनिश्चितता से भरा हो, तो एक अच्छी तरह से तैयार ड्राइवर उन हालात का फ़ायदा उठाकर दूसरों पर निर्णायक बढ़त हासिल कर सकता है।

महिंद्रा के लिए भी रणनीति काफी हद तक वैसी ही होगी। तैयारी के साथ तेजी, काबिलियत के दम पर भरोसा, और मजबूत अमल से प्रेरित महत्वाकांक्षा। एक दशक में पेटेंट की संख्या 56 से बढ़कर 1,300 से ज़्यादा हो गई है।

आनंद महिंद्रा ने कंपनी की इनोवेशन क्षमताओं पर भी ज़ोर दिया। इस सोच को संबोधित करते हुए कि भारतीय कंपनियां R&D में पर्याप्त निवेश नहीं करती हैं, उन्होंने बताया कि पिछले दशक में महिंद्रा द्वारा हासिल किए गए पेटेंट की संख्या 56 से बढ़कर 1,300 से ज़्यादा हो गई है।

'समुद्र मंथन' से 'मंथन 2.0' तक

पिछले साल शेयरहोल्डर्स को लिखे अपने पत्र में, आनंद महिंद्रा ने दुनिया के हालात की तुलना 'समुद्र मंथन' से की थी। उन्होंने कहा कि हर देश और कंपनी को इस मंथन से निकलने वाले 'ज़हर' का कुछ हिस्सा झेलना होगा; हालांकि, जीत उन्हीं की होगी जो न सिर्फ़ मुश्किल हालात में टिके रहेंगे, बल्कि उनमें से 'अमृत' निकालने की काबिलियत भी रखेंगे।

उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन, भू-राजनीति, टेक्नोलॉजी और बिज़नेस मॉडल में आए बदलाव जो शुरू में अस्थायी लग रहे थे, अब लंबे समय तक रहने वाले बदलावों का रूप ले रहे हैं। उन्होंने इस नए दौर को 'मंथन 2.0' का नाम दिया।

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