अमृतसरी स्टफ्ड कुलचा को GI टैग दिलाने की मांग तेज, पंजाब सरकार ने भी कसी कमर!
अमृतसरी स्टफ्ड कुलचा को जीआई टैग दिलाने की मांग तेज हो गई है, जिसके लिए हाल ही में गठित एसोसिएशन ...और पढ़ें

अमृतसरी स्टफ्ड कुलचा को जीआई टैग की मांग तेज
HighLights
अमृतसरी स्टफ्ड कुलचा को जीआई टैग दिलाने की मांग तेज।
"Amritsari Stuffed Kulcha Association" ने अभियान शुरू किया।
पंजाब सरकार ने भी प्रक्रिया तेज की, समन्वय समिति गठित।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| अमृतसर की पहचान माने जाने वाले अमृतसरी स्टफ्ड कुलचा को GI टैग दिलाने की मांग तेज हो गई है। हाल ही में गठित "Amritsari Stuffed Kulcha Association" ने इस ट्रेडिशनल फूड आयटम को दुनियाभर में पहचान दिलाने के लिए जीआई टैग दिलाने के लिए अभियान शुरू किया है। एसोसिएशन का कहना है कि अमृतसरी कुलचा सिर्फ एक खाद्य पदार्थ नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक और खानपान विरासत का प्रतीक है।
दरअसल, पिछले दिनों एसोसिएशन की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसके बाद इसकी काफी चर्चा हुई। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संगठन का मुख्य उद्देश्य अमृतसरी स्टफ्ड कुलचा के लिए GI टैग हासिल करना है, ताकि इसकी असली पहचान और पारंपरिक बनाने की विधि को कानूनी संरक्षण मिल सके।
पंजाब सरकार की तैयारी तेज
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक पंजाब सरकार भी इस दिशा में कदम बढ़ा चुकी है। जून 2026 में पंजाब के फूड प्रोसेसिंग विभाग ने अमृतसर में कुलचा बनाने वालों और व्यापारियों की बैठक बुलाकर GI टैग की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके लिए पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, जिला प्रशासन और फूड प्रोसेसिंग विभाग की एक समन्वय समिति बनाई गई है।
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किसे मिलता है जीआई टैग?
VIDEO | Punjab: 'Amritsari Stuffed Kulcha Associaition' seeks GI tag for Amritsari kulcha. The crackle of a freshly baked Amritsari kulcha, the aroma of butter on its crisp, golden surface, and spicy chole on the side in Amritsar, this is more than a meal. It is a taste that has become part of the city’s identity. Traditionally cooked in a tandoor, it is served with chole, chutney and onions, a combination that has become synonymous with Amritsar. (Full video available on PTI Videos - https://t.co/bIyFWTfmBd)
— Press Trust of India (@PTI_News) October 7, 2026
GI (Geographical Indication) टैग ऐसे उत्पादों को दिया जाता है जिनकी क्वालिटी, प्रतिष्ठा या विशेषताएं किसी खास भौगोलिक क्षेत्र से जुड़ी होती हैं। भारत में यह पंजीकरण Geographical Indications of Goods (Registration and Protection) Act, 1999 के तहत किया जाता है। GI टैग मिलने से उत्पाद की विशिष्ट पहचान सुरक्षित रहती है और उसके नाम के दुरुपयोग पर रोक लगाई जा सकती है।
