नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। निजी क्षेत्र के दूसरे बड़े बैंक आईसीआईसीआई को पिछले दो दशक में पहली बार घाटा हुआ है। वीडियोकॉन विवाद में कंपनी की सीईओ और एमडी चंदा कोचर की कथित भूमिका के बाद से आईसीआईसीआई बैंक विवादों के घेरे में हैं।

मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंक को शुद्ध रूप से 120 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। बैंक को पिछले साल की समान अवधि में कुल 2,049 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। 

आईसीआईसीआई 1998 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी और उसके बाद से कंपनी को हुआ यह पहला घाटा है। घाटे की सबसे बड़ी वजह प्रॉविजनिंग में हुआ इजाफा रहा। मौजूदा तिमाही में बैंक की प्रॉविजनिंग में पिछले साल के मुकाबले 129 फीसद का इजाफा हुआ और यह बढ़कर 5,971 करोड़ रुपये हो गया।

बैंक ने जून तिमाही के दौरान 5,971 करोड़ रुपये की प्रॉविजनिंग की जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 2,609 करोड़ रुपये की दोगुनी है। बैंक को हुआ घाटा अप्रत्याशित रहा है, जिसकी उम्मीद बाजार को नहीं थी।

शुक्रवार को बीएसई में बैंक का शेयर 2.62 फीसद की तेजी के साथ 7.50 रुपये उछलकर 293.30 रुपये पर बंद हुआ।

Posted By: Surbhi Jain