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गौतम अदाणी का नया 'मास्टरस्ट्रोक'! Jaypee Group की एक और कंपनी पर गड़ाई नजर, बन पाएंगे जेपी सीमेंट के मालिक?

Published: Mon, 18 May 2026 08:52 AM (IST)Updated: Mon, 18 May 2026 03:05 PM (IST)

अदाणी ग्रुप की अंबुजा सीमेंट्स ने दिवालिया जेपी सीमेंट कॉर्पोरेशन को खरीदने के लिए 580 करोड़ रुपये की बोली लगाई ...और पढ़ें

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संक्षेप में पढ़ें

नई दिल्ली। अदाणी ग्रुप की अंबुजा सीमेंट्स ने दिवालिया हो चुकी जेपी सीमेंट कॉर्पोरेशन (Jaypee Cement Corporation) को खरीदने के लिए 580 करोड़ रुपये का ऑफर दिया है। एकमात्र दूसरी बोली लगाने वाली कंपनी, माय होम ग्रुप, ने 300 करोड़ रुपये की बोली लगाने के बाद इस प्रोसेस से खुद को अलग कर लिया।
हालांकि, दिवालिया प्रोसेस का मामला अभी भी अधर में लटका हुआ है, क्योंकि अंबुजा की बोली 880 करोड़ रुपये की लिक्विडेशन वैल्यू से काफी कम है। कर्ज देने वाले एक हाई ऑफर के लिए अदाणी ग्रुप के साथ बातचीत कर रहे हैं।

जेपी एसोसिएट्स के लिए अदाणी का ऑफर

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले साल कर्ज देने वालों ने जेपी सीमेंट के डेट के लिए नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (NARCL) के 227 करोड़ रुपये के ऑफर को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह बहुत कम है। इससे पहले, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने जेपी एसोसिएट्स के लिए अदाणी ग्रुप के 14,535 करोड़ रुपये के समाधान प्लान को मंजूरी दी थी।
इस ऑफर को मुख्य कर्ज देने वाली कंपनी NARCL का समर्थन मिला था, जिसके पास 85% वोटिंग शेयर थे। अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, कर्ज देने वालों ने वेदांता की तरफ से आई एक बोली को खारिज कर दिया था, जिसमें 3,400 करोड़ रुपये ज्यादा की पेशकश की गई थी।

क्यों खारिज हुई वेदांता की बोली?

दिवालिया नियमों के तहत, RP (रेजोल्यूशन प्रोफेशनल) किसी कंपनी की फेयर वैल्यू और लिक्विडेशन वैल्यू तय करने के लिए दो वैल्यूअर नियुक्त करता है, और इन दोनों का औसत ही बिक्री के लिए एक बेंचमार्क (मानक) के तौर पर काम करता है।
लिक्विडेशन वैल्यू वह राशि होती है जो किसी दिवालिया हो रही कंपनी की संपत्तियों को टुकड़ों में बेचने पर कर्जदाताओं को प्राप्त हो सकती है, जबकि फेयर वैल्यू वह अपेक्षित राशि होती है जो उस कंपनी के कारोबार को चालू अवस्था में बेचने पर मिलेगी।
आमतौर पर, यदि बोलियां लिक्विडेशन से कम हों तो कर्जदाता लिक्विवेशन को प्राथमिकता देते हैं।

कितने क्लेम को मिली है मंजूरी?

इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया की वेबसाइट के अनुसार, Jaypee Cement के रेजॉल्यूशन प्रोफ़ेशनल ने 3,361 करोड़ रुपये के क्लेम को मंज़ूरी दी है, जिसमें सिक्योर्ड लेनदारों के 2,892 करोड़ रुपये और अनसिक्योर्ड लेनदारों के 469 करोड़ रुपये शामिल हैं।
भारतीय स्टेट बैंक की एक याचिका के बाद, जुलाई 2024 में कंपनी को कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी प्रोसेस में शामिल किया गया था।

कितनी है Jaypee Cement की क्षमता?

Jaypee Cement की इंटीग्रेटेड सीमेंट उत्पादन क्षमता सालाना पाँच मिलियन टन है और इसके पास दो कैप्टिव पावर प्लांट हैं। इनमें आंध्र प्रदेश के जग्गय्यापेट में 35 MW की एक यूनिट और उसी जगह पर 25 MW की एक और यूनिट है, जिस पर अभी काम चल रहा है।
कर्नाटक के शाहबाद में स्थित इसके 1.2 MTPA सीमेंट प्लांट और 60 MW के कैप्टिव पावर प्लांट में फिलहाल कामकाज बंद है।

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