एथनॉल का खरीद मूल्य ₹75 प्रति लीटर करने की मांग, चावल-मक्का किसानों को मिले सीधा फायदा
अखिल भारतीय डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) ने सरकार से मक्का आधारित एथनॉल का खरीद मूल्य ₹75 प्रति लीटर करने की मांग ...और पढ़ें

AIDA ने की अनाज आधारित एथनॉल के खरीद मूल्य बढ़ाने की मांग
HighLights
AIDA ने मक्का एथनॉल मूल्य ₹75/लीटर करने की मांग की।
बढ़ती मक्का लागत के कारण उत्पादन व्यवहार्यता पर जोर।
चावल एथनॉल मूल्य वृद्धि और फ्लेक्स-फ्यूल को बढ़ावा देने की अपील।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| अखिल भारतीय डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) ने सोमवार को सरकार से मक्का आधारित एथनॉल का खरीद मूल्य करीब 9 प्रतिशत बढ़ाकर ₹75 प्रति लीटर करने की मांग की। संगठन का कहना है कि इससे एथनॉल का उत्पादन और आपूर्ति आर्थिक रूप से लाभकारी बनी रहेगी। एसोसिएशन ने एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम (EVP) के लिए स्पष्ट रूपरेखा तैयार करने की भी मांग की।
भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने 16 अक्टूबर को पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनियों (OMC) की ओर से नवंबर से शुरू होने वाले सप्लाई ईयर के लिए करीब 1,100 करोड़ लीटर एथनॉल की खरीद के लिए टेंडर जारी की थी। इसका उद्देश्य पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य पूरा करना है। टेंडर में मक्का आधारित एथनॉल का खरीद मूल्य ₹71.86 से घटाकर ₹68.86 प्रति लीटर कर दिया गया है।
AIDA ने सरकार से की पुर्विचार की मांग
AIDA के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार को मक्का आधारित एथनॉल के लिए प्रोत्साहन और मूल्य निर्धारण व्यवस्था (Pricing mechanism) में बदलाव पर विचार करना चाहिए। इससे प्रोडक्शन आर्थिक रूप से व्यवहार्य बना रहेगा और अनाज आधारित डिस्टिलरी में निवेश जारी रखने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मक्का की कीमत एक साल पहले ₹17-₹18 प्रति किलोग्राम थी, जो अब बढ़कर ₹27 प्रति किलोग्राम हो गई है। इसके अलावा ब्याज और अन्य लागत भी हैं। ऐसे में मौजूदा कीमतों पर एथनॉल मैन्युफैक्चरर के लिए लाभ कमाना मुश्किल होगा।
AIDA के अनुसार, देश में एथनॉल उत्पादन की कुल स्थापित क्षमता करीब 2,000 करोड़ लीटर है। इसमें अनाज आधारित एथनॉल संयंत्रों की क्षमता 1,300 करोड़ लीटर है। हालांकि, एथनॉल प्लांट्स अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहे हैं।
चावल वाले एथनॉल का खरीद मूल्य बढ़ाने की मांग
संगठन ने सरकार से मौजूदा 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण स्तर को धीरे-धीरे बढ़ाने और इलेक्ट्रिक वाहनों की तरह फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को भी बढ़ावा देने की मांग की। इसके अलावा AIDA ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) के चावल से बनने वाले एथनॉल का खरीद मूल्य बढ़ाने की भी अपील की। एसोसिएशन का कहना है कि एफसीआई से चावल खरीदने और उसके प्रसंस्करण की लागत निकालने के बाद मौजूदा 60.32 रुपये प्रति लीटर की दर पर डिस्टिलरी के पास बहुत कम मार्जिन बचता है। कई मामलों में इस कीमत पर एथनॉल का उत्पादन आर्थिक रूप से व्यवहार्य नहीं रह जाता है।
