TATA-अदाणी के बाद बिड़ला ग्रुप का बड़ा मास्टरप्लान! हवाई जहाज से जुड़े बिजनेस में एंट्री के लिए उठाया कदम
कुमार मंगलम बिड़ला के नेतृत्व वाला आदित्य बिड़ला समूह विमान पट्टे पर देने के व्यवसाय में प्रवेश कर रहा है। ...और पढ़ें

बिड़ला समूह का हवाई जहाज लीजिंग बिजनेस में प्रवेश, GIFT सिटी में नई कंपनी स्थापित
HighLights
आदित्य बिड़ला समूह विमान पट्टे पर देने के व्यवसाय में प्रवेश कर रहा है।
GIFT सिटी में UHG होल्डिंग्स IFSC प्राइवेट लिमिटेड कंपनी स्थापित की।
भारत को विमान वित्तपोषण का घरेलू केंद्र बनाने में योगदान देगा।
नई दिल्ली। कुमार मंगलम बिड़ला वाले आदित्य बिड़ला समूह की हवाई जहाज से जुड़े बिजनेस में एंट्री करने की तैयारी है। बिड़ला ने विमान-पट्टे पर देने के व्यवसाय में एंट्री करने की दिशा में अपना पहला औपचारिक कदम उठाया है। यह नई बनी GIFT सिटी इकाई, UHG होल्डिंग्स IFSC प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के साथ एयरक्राफ्ट लीजिंग का काम शुरू करेगी। कंपनी ने लिए नियामक मंजूरी मांग रही है।
GIFT-मल्टीसर्विस स्पेशल इकोनॉमिक जोन अप्रूवल कमिटी को दी गई यह अर्जी, गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT सिटी) में तेजी से बढ़ रहे एयरक्राफ्ट-फाइनेंस इकोसिस्टम में ग्रुप की एंट्री को दिखाती है। आदित्य बिड़ला ग्रुप की तीन कंपनियों हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, अल्ट्राटेक सीमेंट और ग्रासिम इंडस्ट्रीज सहित ने 20 अगस्त, 2026 को UHG होल्डिंग्स बनाई थी। यह प्रस्तावित कंपनी इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (IFSCA) के रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत एयरक्राफ्ट लीज़िंग का काम करेगी।
एयरक्राफ्ट लीजिग बिजनेस क्या है?
एयरक्राफ्ट लीज़िंग एक ऐसा बिज़नेस है जिसमें बहुत ज्यादा पूंजी की जरूरत होती है। इसमें लीज पर देने वाली कंपनियां (लेसर्स) आमतौर पर एयरक्राफ्ट खरीदती हैं और उन्हें एयरलाइंस को लीज पर देती हैं।
UHG होल्डिंग्स की मालिक आदित्य बिड़ला ग्रुप की तीन कंपनियां
- हिंडाल्को के पास 50%
- अल्ट्राटेक सीमेंट के पास 41%
- ग्रासिम इंडस्ट्रीज के पास 9% हिस्सेदारी होगी
कंपनी को ₹10 लाख की शुरुआती पेड-अप कैपिटल के साथ शुरू किया गया है। हालांकि, कंपनी के रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेज़ों से पता चलता है कि यह अपने कामकाज के लिए शेयरहोल्डर्स के योगदान और उधार, दोनों तरीकों से फंड जुटा सकती है। इस कदम से आदित्य बिड़ला ग्रुप को एक खास फाइनेंशियल बिजनेस में एंट्री मिलेगी, जो GIFT सिटी में तेज़ी से बढ़ रहा है, क्योंकि भारत एयरक्राफ्ट फाइनेंसिंग और लीज़िंग के लिए एक घरेलू हब बनाना चाहता है।
