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अदाणी ग्रुप मुंबई एयरपोर्ट के 60 साल पुराने टर्मिनल 1 का करेगा रिडेवलपमेंट, नवी मुंबई शिफ्ट होंगी उड़ानें

Published: Sat, 03 Oct 2026 09:35 PM (IST)

अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 60 साल पुराने टर्मिनल 1 का जनवरी 2027 से पुनर्विकास करेगा, जिसका मुख्य ...और पढ़ें

अदाणी ग्रुप मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 का करेगा पुनर्विकास, कुछ उड़ानें अस्थायी रूप से नवी मुंबई होंगी शिफ्ट

अदाणी ग्रुप मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 का करेगा पुनर्विकास, कुछ उड़ानें अस्थायी रूप से नवी मुंबई होंगी शिफ्ट

HighLights

  1. मुंबई एयरपोर्ट के 60 साल पुराने टर्मिनल 1 का पुनर्विकास।

  2. जनवरी 2027 से शुरू होगा संरचनात्मक सुरक्षा के कारण काम।

  3. कुछ उड़ानें अस्थायी रूप से नवी मुंबई एयरपोर्ट पर स्थानांतरित होंगी।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) द्वारा संचालित मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL), जनवरी 2027 से 60 साल पुराने टर्मिनल 1 (T1) के चरणबद्ध तरीके से रीडेवलपमेंट (पुनर्विकास) का काम शुरू करने जा रहा है। यह फैसला स्ट्रक्चरल सुरक्षा को लेकर लगातार बनी चिंताओं के बाद लिया गया है; अप्रैल में टर्मिनल 1 में आग लगने की घटना के बाद ये चिंताएं और बढ़ गईं, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े बदलाव करना एक जरूरी प्राथमिकता बन गया।

रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में शुरुआत में टर्मिनल 1B के नॉर्थ सेक्शन को गिराने पर ध्यान दिया जाएगा, जो T1 की कुल क्षमता का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है। इतने बड़े काम के बावजूद, AAHL ने पुष्टि की है कि मुंबई एयरपोर्ट के सालाना 55 मिलियन यात्रियों में से 91% पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। पहले चरण के दौरान केवल सालाना लगभग 5 मिलियन यात्रियों (mppa) यानी कुल ट्रैफिक का लगभग 9% को ही ऑपरेशन से जुड़े अस्थायी बदलावों का सामना करना पड़ेगा।

फ्लाइट शेड्यूल को सुचारू बनाए रखने और असुविधा को कम करने के लिए, AAHL एयरलाइंस को अपने ऑपरेशन को अस्थायी रूप से नए शुरू हुए नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शिफ्ट करने का विकल्प दे रहा है। AAHL के CEO अरुण बंसल ने यात्रियों की सुरक्षा को सबसे अहम बताया और स्पष्ट किया कि नवी मुंबई में जाना एक अस्थायी ऑपरेशनल कदम है, न कि मुंबई एयरपोर्ट के मुख्य ट्रैफिक का स्थायी रूप से शिफ्ट होना।

इस बदलाव के दौरान एयरलाइंस और यात्रियों की मदद के लिए, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट कई बड़े फाइनेंशियल इंसेंटिव (आर्थिक प्रोत्साहन) दे रहा है। इनमें नई इंटरनेशनल उड़ानों के लिए लैंडिंग फीस पर 100% की छूट और इंटरनेशनल यात्रियों के लिए कैश वाउचर शामिल हैं, ताकि दोनों एयरपोर्ट के बीच यूज़र डेवलपमेंट फीस (UDF) में किसी भी अंतर को संतुलित किया जा सके।

मुंबई एयरपोर्ट के पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर, जिसे तुरंत मरम्मत की जरूरत थी, के रीडेवलपमेंट के बावजूद एयरपोर्ट के 91% पैसेंजर ट्रैफिक पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यात्रियों को होने वाली परेशानी और कामकाज में रुकावट को कम करने के लिए, पहले चरण में सिर्फ टर्मिनल 1B के नॉर्थ सेक्शन को तोड़ा जा रहा है, जो मुंबई एयरपोर्ट के T1 की कुल क्षमता का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है। नवी मुंबई एयरपोर्ट पर जाने की यह व्यवस्था अस्थायी है और इसका मतलब मुंबई एयरपोर्ट के ट्रैफिक का स्थायी रूप से वहां शिफ्ट होना नहीं है।- अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के CEO, अरुण बंसल 

पूरा होने पर, मॉडर्न टर्मिनल 1 की हैंडलिंग क्षमता 33% बढ़ जाएगी और यह 15 mppa से बढ़कर 20 mppa हो जाएगी। मुंबई एयरपोर्ट और नवी मुंबई एयरपोर्ट मिलकर एक-दूसरे के पूरक एविएशन हब के तौर पर काम करेंगे, जिससे कमर्शियल राजधानी के रीजनल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी सुधार होगा।

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