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अदाणी पावर प्लांट में आई तकनीकी खराबी और अंधेरे में डूब गया बांग्लादेश! क्या है पड़ोसी के "बत्ती गुल" का कनेक्शन?

Published: Sat, 12 Sep 2026 03:02 PM (IST)

अदाणी पावर के झारखंड स्थित गोड्डा प्लांट की एक यूनिट में तकनीकी खराबी आने से बांग्लादेश का बिजली संकट और ...और पढ़ें

गोड्डा प्लांट में तकनीकी खराबी से बांग्लादेश में बढ़ा बिजली संकट

गोड्डा प्लांट में तकनीकी खराबी से बांग्लादेश में बढ़ा बिजली संकट

HighLights

  1. अदाणी गोड्डा प्लांट की एक 800 मेगावाट यूनिट बंद हुई।

  2. तकनीकी खराबी से बांग्लादेश की बिजली आपूर्ति पर दबाव बढ़ा।

  3. मरम्मत में कई दिन लगेंगे, लोड शेडिंग की स्थिति गंभीर।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| बांग्लादेश बीते कुछ महीनों से गहरे बिजली संकट से गुजर रहा है। राजधानी ढाका और आसपास के इलाकों के घंटों तक बिजली कट की आदत सी हो गई है। बांग्लादेश को भारत बिजली की सप्लाई करता है, अब झारखंड स्थित अदाणी पावर के 1,600 मेगावाट क्षमता वाले गोड्डा पावर प्लांट की दो यूनिट्स में से एक तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गई है। इससे बांग्लादेश की बिजली आपूर्ति पर दबाव और अधिक बढ़ गया है और लोड शेडिंग की स्थिति गंभीर हो गई है।

बांग्लादेश के The Daily Star अखबार ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि, 800 मेगावाट क्षमता वाली यह यूनिट गुरुवार आधी रात के आसपास बॉयलर में खराबी आने के बाद बंद हो गई। यह घटना ऐसे समय हुई जब कोयले की आपूर्ति में समस्या के कारण कई हफ्तों तक कम उत्पादन के बाद प्लांट ने बिजली उत्पादन बढ़ाना शुरू किया था।

पीक डिमांड के बीच बढ़ी बांग्लादेश की मुश्किल

पावर ग्रिड बांग्लादेश के आंकड़ों के अनुसार, यूनिट बंद होने से पहले गुरुवार रात गोड्डा प्लांट से बिजली उत्पादन 1,400 मेगावाट से अधिक हो गया था। यूनिट के बंद होने के बाद बिजली आपूर्ति घटकर 750 मेगावाट से भी कम रह गई। बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (PDB) के अधिकारियों ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की है। अधिकारियों के मुताबिक मरम्मत का काम शुरू होने में कम से कम 48 घंटे लगेंगे और बिजली उत्पादन पूरी तरह बहाल होने में इसके बाद भी कई दिन लग सकते हैं।

गोड्डा प्लांट की एक यूनिट का बंद होना बांग्लादेश की बिजली व्यवस्था के लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है। देश का पावर सिस्टम पहले से ही गैस, कोयले और तरल ईंधन की कमी के कारण गंभीर दबाव का सामना कर रहा है। बीती शाम पीक डिमांड के दौरान बांग्लादेश में लोड शेडिंग 2,500 मेगावाट से अधिक हो गई थी। अडानी पावर की यूनिट बंद होने के बाद आज यह स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।

लंबे समय से हो रही कम सप्लाई

गोड्डा प्लांट अगस्त के मध्य से कम क्षमता पर काम कर रहा था। रेलवे में भीड़भाड़, लोडिंग पर प्रतिबंध और जरूरत से ज्यादा बारिश होने के कारण कोयले की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। पिछले महीने के अंत में प्लांट का उत्पादन धीरे-धीरे सुधरने लगा था। दिन के समय उत्पादन करीब 900 मेगावाट और शाम को 1,200 मेगावाट तक पहुंच गया था।

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नवीनतम बिजली उत्पादन आंकड़ों के अनुसार, PDB गैस आधारित बिजली प्लांट्स से करीब 5,000 मेगावाट, कोयला आधारित प्लांट्स से 4,500 मेगावाट और तरल ईंधन आधारित प्लांट्स से 2,000-3,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रहा है।

बांग्लादेश में बिजली की भारी कमी

बांग्लादेश में बिजली की समस्या लंबे समय से देखने को मिली है। भारत और चीन बिजली की आपूर्ति करते हैं। उनका कुल बिजली उत्पादन 13,000-14,000 मेगावाट के आसपास बना हुआ है, जबकि बिजली की मांग 16,000 मेगावाट से अधिक है। इस वजह से बिजली उत्पादन और मांग के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है, जिससे देश में बिजली कटौती का दबाव बढ़ गया है।