14000 करोड़ का कर्ज लेने की तैयारी में अदाणी समूह, सूत्रों ने बताई अंदर की बात; इस बिजनेस में अंबानी को देंगे चुनौती!
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी डेटा सेंटर्स के विस्तार के लिए लगभग 1.5 अरब डॉलर का लोन लेने की योजना बना रहे हैं।
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HighLights
अदाणी समूह 1.5 अरब डॉलर का लोन जुटा रहा है।
यह लोन डेटा सेंटर विस्तार परियोजनाओं के लिए है।
अदाणीकॉनेक्स कई अंतरराष्ट्रीय बैंकों से बातचीत कर रहा है।
नई दिल्ली। भारत के सबसे अमीर व्यक्ति और अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने डेटा सेंटर्स के क्षेत्र में विस्तार के लिए लगभग 1.5 अरब डॉलर (14000 करोड़ से ज्यादा) का लोन लेने की योजना बनाई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि डेटा सेंटर ऑपरेटर एजकॉनेक्स के साथ ज्वाइंट वेंचर, अदाणीकॉनेक्स प्राइवेट लिमिटेड, ऑफशोर फंडिंग के लिए डीबीएस ग्रुप होल्डिंग्स लिमिटेड, फर्स्ट अबू धाबी बैंक पीजेएससी और मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप इंक समेत कई लैंडर्स से बातचीत कर रही है। सूत्रों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर निजी जानकारी साझा करते हुए यह जानकारी दी।
अदाणी समूह ने अपने विशाल ऊर्जा कारोबार के आधार पर 2035 तक डेटा केंद्रों और अन्य डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में लगभग 100 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बनाई है। अरबपति मुकेश अंबानी के रिलायंस समूह ने भी AI से संबंधित इंफ्रा में सात वर्षों में 110 अरब डॉलर तक का निवेश करने की योजना बनाई है।
तेजी से बढ़ रहे डाटा सेंटर
भारत में डेटा सेंटर बाजार में तेजी से वृद्धि हो रही है, क्योंकि बड़ी-बड़ी कंपनियां एआई और क्लाउड सेवाओं के लिए आवश्यक कंप्यूटिंग क्षमता का निर्माण करने की होड़ में लगी हैं। सरकार का अनुमान है कि अगस्त 2026 में लगभग 1.57 गीगावाट से बढ़कर 2030 तक यह क्षमता लगभग 8 गीगावाट तक पहुंच जाएगी, जबकि स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, देश अगले सात से आठ वर्षों में इस क्षेत्र में लगभग 200 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित कर सकता है।
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सूत्रों ने यह भी बताया कि अदाणी समूह नई फंडिंग के लिए नैटिक्सिस एसए (Natixis SA), आईएनजी बैंक एनवी (ING Bank NV) और सोसिएट जेनरल एसए (Societe Generale SA) जैसे अन्य कर्जदाताओं के साथ भी बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्राइसिंग को लेकर चर्चा चल रही है और इस लोन की अवधि पांच से सात साल हो सकती है। अभी शर्तें तय नहीं हुई हैं।