क्या है AC गैस लीक स्कैम? गर्मी आते ही करवा रहे हैं एयर कंडीशनर की सफाई, तो समझें गैस, प्रेशर और पैसे का खेल
गर्मी से पहले एसी सर्विसिंग के दौरान अक्सर टेक्निशियन गैस लीक और रिफिलिंग के नाम पर लोगों से बेवजह पैसा ...और पढ़ें

एसी सर्विसिंग की सांकेतिक तस्वीर
HighLights
एसी सर्विसिंग में गैस लीक के नाम पर धोखाधड़ी से बचें।
तकनीशियन अक्सर गैस रिफिल का बहाना बनाकर ठग लेते हैं।
AC में गैस प्रेशर से जुड़ी सही जानकरी से आप स्कैम से बच सकते हैं।
नई दिल्ली। गर्मी के सीजन ने दस्तक दे दी है और इसके साथ ही घरों में 3-4 महीने से बंद पड़े एसी, कूलर और पंखों की सर्विसिंग की तैयारी शुरू हो गई है। खासकर, एयर कंडीशन की सर्विस (AC Servicing) के लिए हमेशा टेक्निशियन को बुलाया जा रहा है ताकि सही तरीके से सफाई हो सके। एसी की सर्विस के दौरान अक्सर ऐसा देखा गया है कि टेक्निशियन कहता है कि "सर, एसी में गैस लीक हो रही है, रिफिल करवाना पड़ेगा।" लेकिन क्या आप जानते हैं यह एक बड़ा स्कैम और धोखा भी हो सकता है।
ऐसा इसलिए क्योंकि, असल समस्या यह है कि अधिकांश लोगों को यह पता नहीं होता है कि उनके एसी में गैस का सही प्रेशर लेवल कितना होना चाहिए। इसी वजह से यह समझना मुश्किल हो जाता है कि तकनीशियन गैस लीक का दावा कर रहा है वह कितना सही है या सिर्फ़ बेवजह गैस रिफिल करवाने की कोशिश कर रहा है। एसी गैस लीक से जुड़ी चिटिंग इसी तरह होती है।
कैसे पकड़ें AC गैस लीक स्कैम?
घर पर एसी की सर्विसिंग के दौरान टेक्निशियन आप से कहता है कि गैस लीक हो रही है और इसे रीफिल करना होगा। देखने में तो यह एक सामान्य प्रक्रिया लगती है, और कभी-कभी वाकई में एसी में गैस लीक हो जाती है और उसे भरने की ज़रूरत पड़ती है।
लेकिन, चिंता इस बात है कि एसी में गैस लीक का बहाना बनाकर टेक्निशियन आपको गुमराह ना कर दे। इसका पता लगाने का सबसे आसान तरीका यह है कि आपको मालूम होना चाहिए कि एयर कंडीशनर के सही तरीके से काम करने के लिए गैस का प्रेशर कितना होना चाहिए?
एयर कंडीशनर इंस्टॉलेशन एक्सपर्ट के अनुसार, एसी में स्टैंडर्ड प्रेशर लेवल, 1.5 टन के एयर कंडीशनर के लिए निम्ननुसार है:
| रेफ्रिजरेंट | रनिंग प्रेशर (PSI) | क्लोज प्रेशर (PSI) |
| R32 | 130–140 | 240–280 |
| R410 | 130–140 | 240–280 |
| R22 | 60–65 | करीब 150 |
कैसे मापें प्रेशर?
- एसी सर्विसिंग शुरू होने से पहले, अपने एसी को चालू करें और तकनीशियन से यूनिट के चलते समय गैस प्रेशर की जांच करने के लिए कहें। इसके बाद रीडिंग की तुलना टेबल में दिए गए "रनिंग प्रेशर" वैल्यू से करें।
- इसके बाद, एसी बंद करने के बाद प्रेशर रीडिंग लें और उसे "क्लोज प्रेशर" वैल्यू से इसका मिलान करें।
- अगर रीडिंग अपेक्षित सीमा के अंदर आती है, तो संभवतः गैस भरवाने की कोई जरुरत नहीं है।
ऐसे में एसी के रनिंग और क्लोज प्रेशर की जानकारी होने से एसी गैस लीक स्कैम से बचा जा सकता है।
