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8th Pay Commission: क्या मान लीं गई हैं 8वें वेतन आयोग के TOR की सिफारिशें? एक्सपर्ट ने कर दिया साफ

Published: Sat, 13 Jun 2026 04:42 PM (IST)

केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के लिए 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' को मंजूरी अक्टूबर 2025 में दे दी थी, जिससे ...और पढ़ें

केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के लिए 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' (ToR) को मंजूरी दे दी है।

केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के लिए 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' (ToR) को मंजूरी दे दी है।

HighLights

  1. केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के ToR को मंजूरी दी।

  2. 55 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों को होगा फायदा।

  3. आयोग को सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के लिए 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' (ToR) को मंजूरी अक्टूबर 2025 में दे दी थी। इससे लगभग 55 लाख सेवारत कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों के वेतन, पेंशन और भत्तों में बड़े बदलाव होने की उम्मीद बनी हुई है। आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। मीडिया में ऐसी खबरें चल रही हैं कि केंद्रीय वेतन आयोग ने संगठनों के कुछ सुझावों को मान लिया है। लेकिन ऐसा नहीं है।

ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत पटेल (Dr Manjeet Patel) के मुताबिक सभी खबरें बेबुनियाद हैं क्योंकि पे कमिशन की रिपोर्ट आने से पहले कभी कोई जानकारी दी नहीं जाती है। हमारी सभी कर्मचारी साथियों से अपील है कि ऐसी खबरों से बचें और उन्हें शेयर न करें। ऑल इंडिया एनपीएस एम्पलाइज फेडरेशन पूरी प्रतिबद्धता से हर अपडेट को खुद अपनी वाल से शेयर करता है और जरूरत पड़ी तो फिर से कमीशन से मुलाकात की कोशिश भी की जाएगी।

फिटमेंट फैक्टर 3 एक मल्टीप्लायर है जिसका इस्तेमाल केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की बेसिक सैलरी को बदलने के लिए किया जाता है। यह नई सैलरी स्ट्रक्चर तय करने में अहम भूमिका निभाता है।

7वें वेतन आयोग के तहत 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जो 2016 से प्रभावी हुआ। इसके तहत, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹15,000 थी, तो वह बढ़कर ₹38,550 हो गई।

फिलहाल, आठवां सीपीसी राज्यों का दौरा कर रहा है , कर्मचारी संघों और यूनियनों से मुलाकात कर रहा है, उनकी मांगों और प्रस्तावों के नोट और ज्ञापन तैयार कर रहा है। यूनियनों ने वेतन में अधिक बढ़ोतरी और सेवानिवृत्ति लाभों में बदलाव की मांग की है।

कर्मचारियों को वेतन में कितनी बढ़ोतरी की उम्मीद हो सकती है?

अंतिम वेतन वृद्धि काफी हद तक आयोग के अनुशंसित और सरकार की तरफ स्वीकृत उपयुक्तता कारक पर निर्भर करेगी। उदाहरण के तौर पर देखें तो एक कर्मचारी जिसका वेतन 100 रुपये है और महंगाई भत्ता 60 फीसदी जोड़ने के बाद वर्तमान में 160 रुपये कमा रहा है, तो संशोधित फिटमेंट फैक्टर से उसका वेतन दोगुना होकर 200 रुपये हो जाएगा। ऐसे में, मौजूदा 160 रुपये पर प्रभावी बढ़ोतरी लगभग 25 प्रतिशत होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि कर्मचारी संघों के तय स्तरों से कम उपयुक्तता कारक होने पर भी सरकारी व्यय में बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि कर्मचारियों के वेतन में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी हो सकती है।

आठवां वेतन आयोग कब लागू होगा?

केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2025 में 8वें वेतन आयोग के कार्यक्षेत्र को मंजूरी दी और आयोग को अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने के लिए 18 महीने का समय दिया। हालांकि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू हो गया है और इसने 7वें वेतन आयोग का स्थान ले लिया है, फिर भी आयोग को अपना काम पूरा करने में लगभग 18 महीने का समय लगने की उम्मीद है।

आयोग ने ज्ञापन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि को भी बढ़ाकर 15 जून, 2026 कर दिया है, जिसके बाद अंतिम सिफारिशें तैयार करने से पहले हितधारकों के सुझावों की जांच की जाएगी।

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