8th Pay Commission: 22 और 23 अक्टूबर को लगेगी कर्मचारियों की लॉटरी, इस मीटिंग में खुलेगा सैलरी और भत्तों का पिटारा?
8th Pay Commission Latest News: आठवें वेतन आयोग का उच्च-स्तरीय पैनल 22-23 अक्टूबर 2026 को मुंबई का दौरा करेगा। इस ...और पढ़ें

22 और 23 अक्टूबर को लगेगी कर्मचारियों की लॉटरी, मुंबई दौरे पर खुलेगा सैलरी और भत्तों का पिटारा?

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| 8th Pay Commission Latest News: फेस्टिव सीजन के बीच केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (8th pay commission) से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। आठवां वेतन आयोग इस समय अपने परामर्श चरण में है और अपनी आधिकारिक सिफारिशें तैयार करने से पहले विभिन्न हितधारकों से चर्चा कर रहा है। इसी सिलसिले में आयोग का एक हाई लेवल पैनल इस हफ्ते 22 और 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई के दौरे पर रहेगा। इस दौरे के दौरान आयोग कर्मचारी यूनियनों, फेडरेशनों, पेंशनभोगी संघों और अन्य प्रमुख हितधारकों के साथ मैराथन बैठकें करेगा, जिस पर पूरे देश के लाखों कर्मचारियों की निगाहें टिकी हुई हैं।
कौन संभाल रहा है आयोग की कमान?
इस महत्वपूर्ण आठवें वेतन आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। उनके साथ पूर्व आईएएस अधिकारी पंकज जैन आयोग के सदस्य-सचिव हैं, जबकि प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य और वित्त के प्रोफेसर पुलक घोष इसके सदस्य हैं। यह आयोग कर्मचारियों के पे मेट्रिक्स, डीए, एचआरए जैसे भत्ते (DA-DR, HRA Hike) और अन्य सुविधाओं व लाभों में जरूरी एवं व्यावहारिक बदलावों पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
मुंबई में मीटिंग का क्या होगा एजेंडा?
रेलवे मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, आठवें वेतन आयोग का यह दौरा बेहद खास होने वाला है। आयोग के सदस्य केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे सेंट्रल रेलवे जोन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न रेलवे विभागों का जमीनी दौरा भी करेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों और कामगारों की कार्य स्थितियों का खुद अनुभव करना है।
रेलवे बोर्ड द्वारा ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेंस (NFIR) को भेजे गए पत्र के मुताबिक, मुंबई (CSMT) को इस दौरे का केंद्र बनाया गया है ताकि ट्रेन संचालन और रखरखाव की विविधता को करीब से देखा जा सके। आयोग के एजेंडे में निम्नलिखित बिंदु सबसे ऊपर हैं।
ट्रैक और सिग्नल का निरीक्षण: आयोग ट्रैक मेंटेनेंस, सिग्नल ऑपरेशन और पटरियों पर काम करने वाले ट्रैक मेंटेनर्स (विशेषकर कीमैन और पेट्रोलमैन) की शारीरिक कठिनाइयों और ड्यूटी के दौरान आने वाले जोखिमों का जायजा लेगा।
रनिंग स्टाफ और हाई-स्पीड कॉरिडोर: आयोग के सदस्य हाई-स्पीड कॉरिडोर पर लोकोमोटिव के भीतर सफर करेंगे ताकि रनिंग स्टाफ द्वारा झेले जाने वाले भारी तनाव और दबाव का अनुभव कर सकें।
कंट्रोल रूम और वर्कशॉप का दौरा: कंट्रोल रूम में ट्रेन संचालन के नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, स्टेशन ऑपरेशन्स के साथ-साथ रेलवे वर्कशॉप में होने वाले कठिन रखरखाव कार्यों का भी बारीकी से निरीक्षण किया जाएगा।
कर्मचारियों के लिए क्यों खास है यह दौरा?
रेलवे कर्मचारियों और देश भर के अन्य केंद्रीय कर्मचारियों को उम्मीद है कि आयोग के इस सीधे फील्ड विजिट से उनकी वास्तविक कामकाजी परिस्थितियों, जोखिमों और कठिनाइयों को करीब से समझने में मदद मिलेगी।
इससे वेतन ढांचे, भत्तों और कार्यकुशलता से जुड़ी सिफारिशों में कर्मचारियों के हितों को सबसे ऊपर रखा जा सकेगा। माना जा रहा है कि यूनियनों के साथ होने वाली इन बैठकों के बाद वेतन आयोग की रिपोर्ट को लेकर तस्वीर और अधिक साफ होगी।
