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8th Pay Commission: '₹69000 न्यूनतम वेतन और 3.83 फिटमेंट फैक्टर करिए', किसने की ये मांग; 8वें वेतन पर बड़ी खबर!

Published: Thu, 16 Apr 2026 07:00 PM (IST)

8th Pay Commission: नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने 8वें वेतन आयोग से केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण मांगें की ...और पढ़ें

8th Pay Commission: '₹69000 न्यूनतम वेतन और 3.83 फिटमेंट फैक्टर करिए', किसने की ये मांग; 8वें वेतन पर बड़ी खबर!

8th Pay Commission: '₹69000 न्यूनतम वेतन और 3.83 फिटमेंट फैक्टर करिए', किसने की ये मांग; 8वें वेतन पर बड़ी खबर!

HighLights

  1. न्यूनतम वेतन ₹69,000 करने की प्रमुख मांग।

  2. फिटमेंट फैक्टर 3.833 रखने का प्रस्ताव।

  3. वार्षिक वेतन वृद्धि 6% और ग्रेच्युटी लाभ।

आईएएनएस, नई दिल्ली। 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार (नियोक्ता) और केंद्रीय कर्मचारियों के बीच बातचीत के लिए सर्वोच्च संस्था नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी ने बड़ी मांग की है। उसने 8वें वेतन आयोग को भेजे गए अपने ज्ञापन में न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फैक्टर को लेकर क्या डिमांड की है? आइए जानते हैं।

नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी ने 8वें वेतन आयोग को भेजे गए अपने साझा ज्ञापन में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में भारी वृद्धि, एक महीने के वेतन के बराबर ग्रेच्युटी और अन्य लाभों का प्रस्ताव रखा है।

69000 रुपये हो न्यूनतम वेतन

एनसी-जेसीएम केंद्रीय कर्मचारियों की सबसे बड़ी संस्था है। यह संस्था केंद्र सरकार और केंद्रीय कर्मचारियों के बीच बातचीत के बीच पुल का काम करती है। एक रिपोर्ट के अनुसार इस संस्था ने 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के सामने फिटमेंट फैक्टर 3.833 रखने का प्रस्ताव दिया है। यानी इसी हिसाब से न्यूनतम सैलरी बढ़ाई जाए।

एनसी-जेसीएम ने 8वें वेतन आयोग से मांग कि है कि 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये है जिसे 8वें वेतन आयोग में बढ़कर 69,000 रुपये कर दी जाए।

वेतन आयोग में, जीवन निर्वाह लागत और मुद्रास्फीति जैसे कारकों के आधार पर वेतन में संशोधन करने के लिए फिटमेंट फैक्टर एक गुणक है, जिसे मौजूदा मूल वेतन पर लागू करके नए वेतन की गणना की जाती है।

'सालाना 6% की हो वेतन वृद्धि'

एनसी-जेसीएम ने 6 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि, पदोन्नति पर दो वेतन वृद्धि (कम से कम 10,000 रुपये के लाभ के अधीन) आदि का भी प्रस्ताव रखा। अगर यह बदलाव अमल में लाया जाता है तो इसका असर सीधे केंद्र सरकार के 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेशनर्स पर पड़ेगा।

फिटमेंट फैक्टर लागू होने से सभी स्तरों पर वेतन वृद्धि एक समान होती है। उदाहरण के लिए, 7वें वेतन आयोग के तहत वेतन संशोधन में 2.57 के फिटमेंट फैक्टर का उपयोग किया गया था। 6वें वेतन आयोग के तहत प्रवेश स्तर का मूल वेतन 7,000 रुपये था, जिसे इस फैक्टर से गुणा करने पर 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये हो गया।

वेतन मैट्रिक्स में कुल 18 स्तर हैं, जिनमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के लिए उच्च स्तर शामिल हैं। कर्मचारियों को मूल वेतन के साथ-साथ एचआरए, भविष्य निधि और अन्य लाभ भी मिलते हैं।

महंगाई भत्ते को मूल वेतन में विलय करने की मांग

राष्ट्रीय डाक संगठनों के संघ ने सरकार से 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता को मूल वेतन में विलय करने और उसी तिथि से अंतरिम राहत देने का अनुरोध किया है।

वेतन वृद्धि सरकार द्वारा अपनाए जाने वाले फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी, जिसके विश्लेषकों के अनुसार 2.5 से अधिक होने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ कर्मचारी समूहों ने 3.15 के फिटमेंट फैक्टर की मांग की है, हालांकि आधिकारिक निर्णय में एक वर्ष से अधिक का समय लग सकता है।

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मार्च में संसद को बताया था कि 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, पेंशन और अन्य लाभों पर अपनी सिफारिशें देगा। उम्मीद है कि 8वां वेतन आयोग नवंबर 2025 से 18 महीनों के भीतर यह कार्य पूरा कर लेगा।

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