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JP Associates से चूके तो क्या, 'अनिल अग्रवाल' ने राजस्थान में मारी बाजी! धरती चीरकर निकालेंगे पोटाश और हैलाइट

Published: Wed, 15 Apr 2026 07:20 PM (IST)Updated: Thu, 16 Apr 2026 11:27 AM (IST)

Anil Agarwal की Vedanta की सहायक कंपनी हिंदुस्तान जिंक ने राजस्थान के हनुमानगढ़ में पोटाश और हैलाइट ब्लॉक की बोली ...और पढ़ें

JP Associates की बोली हारने वाले अनिल अग्रवाल की कंपनी ने यहां जीत ली बोली, धरती चीरकर निकालेगी पोटाश!

JP Associates की बोली हारने वाले अनिल अग्रवाल की कंपनी ने यहां जीत ली बोली, धरती चीरकर निकालेगी पोटाश!

HighLights

  1. हिंदुस्तान जिंक ने राजस्थान में पोटाश-हैलाइट ब्लॉक की बोली जीती।

  2. कंपनी हनुमानगढ़ में 1,841 हेक्टेयर से पोटाश का खनन करेगी।

  3. यह भारत की पोटाश आयात निर्भरता कम करने में सहायक होगा।

नई दिल्ली। जयप्रकाश एसोसिएट्स (JP Associates) की बोली जीतकर हारने वाली अनिल अग्रवाल की वेदांता (Anil Agarwal Vedanta) की एक अन्य कंपनी ने राजस्थान में पोटाश और हैलाइट ब्लॉक के लिए बोली जीत ली है। आधिकारिक तौर पर भी इसकी घोषणा हो चुकी है।

वेदांता लिमिटेड की सब्सिडियरी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (Anil Agarwal Hindustan Zinc) ने राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में 1,841 हेक्टेयर के झंडावाली-सतीपुरा पोटाश और हैलाइट ब्लॉक के लिए बोली आधिकारिक तौर पर जीत ली है।

हिंदुस्तान जिंक है दुनिया की सबसे बड़ी जिंक प्रोड्यूसर

दुनिया की सबसे बड़ी जिंक उत्पादक कंपनी हिंदुस्तान जिंक (World Largest Zinc Producer) है। इसके मालिक अनिल अग्रवाल हैं। जिंक उत्पादन में नंबर वन होने के साथ यह दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी सिल्वर प्रोड्यूसर कंपनी भी है।

हिंदुस्तान जिंक को राजस्थान में एक संयुक्त पोटाश और हैलाइट खनिज ब्लॉक के लिए आधिकारिक तौर पर सफल बोलीदाता घोषित किया गया है। पिछले साल ही केंद्र द्वारा आयोजित एक नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से कंपनी को 'पसंदीदा बोलीदाता' घोषित किया गया था। अब सभी आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद आधिकारिक तौर पर भी हिंदुस्तान जिंक को सफल बोलीदाता के रूप में भी घोषित कर दिया गया है।

राजस्थान में संयुक्त पोटाश और हैलाइट खनिज ब्लॉक के लिए बोली जीतने पर हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के CEO और पूर्णकालिक निदेशक, अरुण मिश्रा ने कहा,  "पोटाश ब्लॉक के लिए सफल बोलीदाता बनना हमारी कार्यक्षमता और देश के लिए महत्वपूर्ण खनिज संसाधन जुटाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जैसे-जैसे भारत संसाधन सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देना जारी रखे हुए है, यह उपलब्धि महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में हमारी रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करती है। हम अपनी खनन विशेषज्ञता का उपयोग कर इस संपत्ति का पूरा लाभ उठाएंगे और भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगे।"

धरती के नीचे से पोटाश निकालेगी अनिल अग्रवाल की हिंदुस्तान जिंक

इस बोली के जीतने के बाद अनिल अग्रवाल की हिंदुस्तान जिंक राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में 1,841 हेक्टेयर में फैले पोटाश और हैलाइट ब्लॉक से पोटाश का खनन करेगी। या यूं कहें कि कंपनी धरती चीरकर नीचे से पोटाश खनिज निकालेगी। पोटाश एक उर्वरक है। इसका इस्तेमाल खेती में किया जाता है।

क्या होता है पोटाश?

पोटाश पानी में घुलने वाले पोटैशियम वाले नमक का एक ग्रुप (What is Potash) है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से फसल की पैदावार बढ़ाने, पानी की बचत करने और बीमारी से लड़ने की ताकत बढ़ाने के लिए एक जरूरी खेती की खाद के तौर पर किया जाता है। इसे जमीन के नीचे समुद्री नमक के जमाव से निकाला जाता है, जिसका सबसे आम रूप पोटैशियम क्लोराइड है।

पोटाश का मुख्य उपयोग कृषि (Potash Used in Agriculture) में होता है। पोटाश के अन्य उपयोगों में औद्योगिक रसायन, पशु आहार, साबुन निर्माण, खाद्य उत्पादन, जल मृदुकरण, सड़कों से बर्फ हटाना, pH का समायोजन, औषधियां और कांच निर्माण शामिल हैं।

भारत अपनी अपनी पोटाश की जरूरतों के लिए कनाडा, बेलारूस, जॉर्डन जैसे देशों (India Imported Potash From Canada) पर निर्भर हैं। इन्हीं देशों से हिंदुस्तान पोटाश आयात करता है। ऐसे में राजस्थान में हिंदुस्तान जिंक के बोली जीतने से भारत में इसका उत्पादन बढ़ेगा तो इससे आयात पर निर्भरता कम होने की संभावना है।

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