नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपने अहम फैसले में आधार लिंकिंग की डेडलाइन को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया। अब इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के अगले फैसले तक आधार कार्ड को पैन, मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट से लिंक करवाना अनिवार्य नहीं रह गया है। आपको बता दें कि 12 डिजिट का आधार नंबर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की ओर से जारी किया जाता है। हम आपको अपनी इस खबर में आधार लिंकिंग से जुड़े पांच अपडेट्स बताने जा रहे हैं।

ये हैं आधार लिंकिंग डेडलाइन से जुड़े 5 बड़े अपडेट्स:

  • केंद्र सरकार ने इससे पहले सभी वित्तीय सेवाओं और समाज कल्याण योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार लिंकिंग की डेडलाइन 31 दिसंबर 2017 निर्धारित किया गया था।
  • 15 दिसंबर 2017 को शीर्ष अदालत ने बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर के साथ आधार लिंक करवाने की डेडलाइन को बढ़ाकर 31 मार्च 2018 करने का आदेश दिया गया था।
  • पिछले हफ्ते सरकार ने संकेत दे दिए थे कि अगर जरूरत पड़ी तो आधार लिंकिंग की डेडलाइन को 31 मार्च से आगे बढ़ा दिया जाएगा। आधार की अनिवार्यता के संबंध में याचिकाओं की एक सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने पहले ही संविधान खंडपीठ को बताया था कि केंद्र ने भी पिछली बार भी समय सीमा बढ़ाई थी और यह फिर से कर सकती है।
  • जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय खंडपीठ ने कहा कि डेडलाइन में यह विस्तार सामाजिक कल्याण योजनाओं के अंतर्गत लाभों के वितरण के साथ आधार को जोड़े जाने के नियम को प्रभावित नहीं करेगा।
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उनका अंतरिम आदेश इस संबंध में अगले फैसले तक लागू रहेगा। शीर्ष अदालत का यह फैसला ऐसे लोगों के लिए एक राहतभरा फैसला है जिन्होंने अभी तक अपने आधार को किसी भी सेवा से लिंक नहीं कराया है।

गौरतलब है कि भारत में साल 2009 में लॉन्च किया गया आधार दुनिया से सबसे बड़े बायोमैट्रिक डेटाबेस में से एक है, जिसने कल्याण भुगतानों का पुनर्गठन किया है।

By Praveen Dwivedi