नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। कोरोना से जंग के लिए राहत पैकेज के तहत विशेष रूप से एमएसएमई के लिए घोषित 3 लाख करोड़ रुपए के लोन में से एक लाख करोड़ रुपए के लोन की मंजूरी दे दी गई। यह काम पिछले 37 दिनों में किया गया है जिससे 30 लाख से अधिक उद्यमी खाताधारक लाभान्वित हुए हैं। एक लाख करोड़ के मंजूर लोन में से 45,860 करोड़ के लोन का भुगतान हो चुका है। आगामी 31 अक्टूबर तक राहत पैकेज के तहत घोषित 3 लाख करोड़ रुपए के लोन की मंजूरी दी जा सकेगी।

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वित्त मंत्रालय के मुताबिक लोन की मंजूरी एवं उसके भुगतान में सरकारी एवं निजी दोनों ही बैंक बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 37 दिनों में सरकारी बैंकों ने 57,525.47 करोड़ रुपए के लोन की मंजूरी दी है। वहीं, निजी बैंकों ने इस दौरान 44,335.52 करोड़ रुपए के लोन की मंजूरी दी।

सरकारी बैंकों की तरफ से पिछले 37 दिनों में 29,232.27 करोड़ रुपए के लोन का भुगतान किया गया। निजी बैंकों ने इस अवधि में 16,628 करोड़ रुपए का भुगतान किया।

वित्त मंत्रालय के मुताबिक एक लाख करोड़ रुपए के लोन की मंजूरी से 30 लाख से अधिक एमएसएमई को फायदा मिलेगा। सरकारी बैंकों ने 26.08 लाख एमएसएमई खाताधारकों को लोन दिया है तो निजी बैंकों ने 4.03 लाख एमएसएमई खाताधारकों को लोन की मंजूरी दी है।

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एमएसएमई को दिए जाने वाले 3 लाख करोड़ रुपए के लोन की पूरी गारंटी सरकार ले रही है। लोन लेने वाले उद्यमियों को किसी प्रकार की कोई गारंटी देने की जरूरत नहीं है। बैंक इन उद्यमियों को अधिकतम 9.25 की दर से लोन दे सकते हैं तो एनबीएफसी लोन की ब्याज दर अधिकतम 14 फीसद रख सकती हैं।

Posted By: Ankit Kumar

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