नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। जीवन में हमें कभी ना कभी लोन की जरूरत पड़ती ही है। चाहे वह लोन घर खरीदने के लिए लिया, चाहे कार खरीदने के लिए या फिर पर्सनल लोन हो। ऐसी कई महत्वपूर्ण बातें हैं, जिनका ध्यान लोन लेने जा रहे ग्राहकों को रखना चाहिए। दैनिक जागरण समय-समय पर पाठकों को जागरूक करता रहता है। इसी क्रम में जागरण न्यू मीडिया के मनीश मिश्रा और अभिनव गुप्ता ने Jagran Dialogues के तहत लोन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों पर टैक्स एवं इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट बलवंत जैन और सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार हर्ष रूंगटा से विस्तृत चर्चा की। इस पैनल परिचर्चा के मुख्य अंश इस प्रकार हैंः

सवाल: किसी भी प्रकार का लोन लेने के लिए बेसिक योग्यताएं क्या है।

बलवंत जैन: लोन लेने की सबसे पहली योग्यता है, आपकी पुनर्भुगतान क्षमता। वेतनभोगी लोगों के लिए उनकी आय ही उनकी लोन लेने की योग्यता है। वहीं, प्रोफेशनल लोगों को थोड़ा लीवरेज मिलता है। ऐसा माना जाता है कि प्रोफेशनल लोग अपनी पूरी आय नहीं दर्शाते हैं, इसलिए उन्हें थोड़ी अधिक राशि का लोन मिल जाता है।

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सवाल: कोई वेतनभोगी पर्सनल लोन लेना चाहता है, तो इसका क्या प्रॉसेस है।

बलवंत जैन: आपका जिस बैंक में खाता हैं, आपको वहां एप्रोच करना चाहिए, तो अधिक आसान होगा। क्योंकि वहां बैंक के पास आपके वित्तीय लेनदेनों की हिस्ट्री होती है, इससे बैंक को प्रॉसेस में समय कम लगता है। दूसरा यह कि आपकी बेसिक केवाईसी पूरी होनी चाहिए। आपके इनकम दस्तावेज जैसे फॉर्म नंबर 16, आईटीआर की कॉपी आदि आपको उपलब्ध करानी होती है, जिससे आपकी पुनर्भुगतान क्षमता का पता चलता है।

सवाल: लोन लेत समय ग्राहक न्यूनतम संभव ईएमआई चुनें या न्यूनतम संभव अवधि का चुनाव करें।

बलवंत जैन: आप जब घर लेते हैं, तो आप अपने पास मौजूद अधिकांश रिसोर्सेज का उपयोग कर चुके होते हैं, तो आपके पास ज्यादा पेमेंट करने की अधिक गुंजाइश नहीं होती है। मेरा सुझाव है कि ग्राहक को लंबी अवधि के लोन का चुनाव करना चाहिए, जिससे आपकी ईएमआई कम रहेगी। आजकल अधिकतर लोन फ्लोटिंग रेट पर मिलते हैं, जिसमें प्री-पेमेंट पेनल्टी नहीं रहती।

सवाल: गुड लोन और बैड लोन क्या है।

हर्ष रूंगटा: लोन लेना अच्छा है या नहीं? यह एक अहम सवाल है। आपको तीन बातें देखनी चाहिए। 1. क्या आप लोन से एसेट्स बना रहे हैं। 2. क्या आप लोन से आय में वृद्धि कर रहे हैं। 3. क्या यह लोन उचित है। अगर आप होम लोन ले रहे हैं, तो आप एक एसेट खरीद रहे हैं, लेकिन यह उचित भी होना चाहिए। जैसे अगर आपकी आय 10 लाख है और आप 2-3 करोड़ का घर खरीद रहे हैं, तो यह उचित नहीं है। ऐसे में यह लोन उचित नहीं है, चाहे आप एसेट ही क्यों ना खरीद रहे हैं।

दूसरा उदाहरण हम कार का लेते हैं। आप कार लोन ले रहे हैं, तो यह एसेट नहीं हैं, क्योंकि समय के साथ कार की कीमत कम होती है। लेकिन अगर आप बिना खुद की कार खरीदे अपना व्यवसाय नहीं कर सकते, तो यह लोन आपकी आय में वृद्दि करेगा। लेकिन अगर आप दो करोड़ की महंगी कार ले रहे हैं, तो यह उचित नहीं है।

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