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Credit Score उच्च होने के बाद भी नहीं मिल रहा है Loan? जानिए क्या हो सकते हैं कारण

कई बार अच्छे क्रेडिट स्कोर के बावजूद लोन नहीं मिल पाता है। इसके पीछे कुछ कारण होते हैं। जब भी किसी कर्जदाता को लोन के लिए आवेदन मिलता है तो वह यह देखता है कि क्या कर्ज लेने वाला समय पर पूरे ब्याज के साथ लोन चुका पाएगा।

By Pawan JayaswalEdited By: Published: Sun, 27 Dec 2020 05:43 PM (IST)Updated: Mon, 28 Dec 2020 07:43 AM (IST)
बैंक लोन के लिए प्रतीकात्मक तस्वीर PC: Pixabay

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। कई बार अच्छे क्रेडिट स्कोर के बावजूद लोन नहीं मिल पाता है। इसके पीछे कुछ कारण होते हैं। जब भी किसी कर्जदाता को लोन के लिए आवेदन मिलता है, तो वह यह देखता है कि क्या कर्ज लेने वाला समय पर पूरे ब्याज के साथ लोन चुका पाएगा। कर्जदाता कई तथ्यों के माध्यम से यह बात पता करता है और अगर उसे कोई संदेह होता है, तो लोन में देरी हो सकती है या फिर लोन डील रद्द भी हो सकती है। आइए जानते हैं कि ऐसे कौन-से कारण हैं, जिनकी वजह से अच्छे क्रेडिट स्कोर को बावजूद लोन नहीं मिल पाता।

आपकी आय

लोन आवेदन में आवेदक की आय बहुत अधिक महत्व रखती है। जब भी किसी कर्जदाता को कोई लोन आवेदन मिलता है, तो वह आवेदक की पुनर्भुगतान क्षमता का आकलन करता है। यह आकलन मासिक आय, आश्रितों की संख्या और आय के स्रोत की स्थिरता के आधार पर किया जाता है। यदि आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है, लेकिन मासिक आय कम है, तो आपके लोन आवेदन के रद्द होने की संभावना बढ़ जाती है।

आवेदक की उम्र

लोन के लिए आवेदन करने वाले की उम्र काफी मायने रखती है। बहुत बार 60 साल से अधिक के लोगों का लोन मंजूर नहीं होता है। अपनी रिटायरमेंट आयु के पास आ चुके लोग अक्सर होम लोन या 15 से 25 साल की अवधि वाला लोन लेने के योग्य नहीं माने जाते। कर्जदाता को लगता है कि रिटायर होने के बाद कर्ज लेने वाला ईएमआई भरने में समर्थ नहीं रह पाएगा।

आपकी जॉब से जुड़ी बातें

ज्यादातर बैंक और वित्तीय संस्थान लोन आवेदक के लिए कम से कम दो साल के वर्क एक्सीरियंस की मांग करते हैं। इससे डिफॉल्ट होने का जोखिम कम हो जाता है। वहीं, अगर आप जल्दी-जल्दी नौकरी बदल रहे हैं, तो यह एक अस्थिर करियर की निशानी होती है। ऐसे लोगों की विश्वसनीयता कम आकी जाती है और आपकी लोन डील के रद्द होने की संभावना बढ़ जाती है।

EMI और आय का रेशियो

लोन डील को मंजूरी देते समय कर्जदाताओं द्वारा ईएमआई-इनकम रेशियो भी देखा जाता है। अगर कर्ज लेने वाले की कुल मौजूदा ईएमआई पुनर्भुगतान राशि उसकी मासिक आय के 50 फीसद से कम है, तो उसके नए लोन आवेदन के मंजूर होने की संभावना बढ़ जाती है।


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