नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। अगर आप विदेश जा रहे हैं और वहां क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल के बारे में सोच रहे हैं तो जरा संभल जाइए। क्योंकि देश में लेनदेन पर क्रेडिट का जो चार्ज आप देते हैं वह विदेश में जाकर बढ़ जाता है। हालांकि यह सही है कि विदेश में यात्रा करते समय क्रेडिट कार्ड एक वरदान साबित हो सकता है, क्योंकि वह आपको कम से कम कैश के साथ यात्रा करने की सुविधा देता है। लेकिन फिर भी इसके इस्तेमाल को लेकर आपको सचेत रहना होगा।

वैसे तो भारत में जारी किए गए अधिकांश क्रेडिट कार्ड दुनिया के कई देशों में स्वीकार किए जाते हैं, इसके बावजूद ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से प्रत्येक विदेशी लेनदेन करने पर कुछ नेटवर्क और करंसी आधारित फीस ली जाती है। दरअसल, विदेश में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल पर उस देश की करंसी में पेमेंट करने पर एक कन्वर्जन फीस लगती है। अंतरराष्ट्रीय लेनदेन के दौरान, संबंधित नेटवर्क फॉरेन करंसी एक्सचेंज पर 1 से 2 फीसद का फीस लेता है।

चूंकि, लेनदेन पर उधारदाता एक फॉरेन ट्रांजैक्शन चार्ज लेते हैं जो कुल लेनदेन का 1.5 से 3.5% के आसपास हो सकता है। हालांकि छोटे-छोटे लेनदेनों पर इसका असर मालूम नहीं चलता लेकिन बड़े लेनदेनों के लिए इस फीस का परिमाण हजारों रुपयों में हो सकता है।

इसके अलावा यदि आप विदेश में अपने क्रेडिट कार्ड से कैश निकालते हैं तो इस स्थिति में आपको क्रेडिट कार्ड के स्टैण्डर्ड कैश निकासी रेट से 1 से 4 फीसदी अधिक फीस देना पड़ सकता है। इसलिए कार्ड पर लगने वाले इस तरह के चार्ज से बचने के लिए कैश या ट्रेवल कार्ड लेकर चलें।

मान लीजिए अगर आपको विदेश में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना ही है तो ऐसा कार्ड ढूंढें जो विदेशी लेनदेन पर बहुत ज्यादा रिवार्ड देता हो ताकि उन रिवार्डों को रिडीम करके लेनदेन शुल्क को निष्प्रभावित किया जा सके। वहीं ऑनलाइन लेनदेन के लिए एयरलाइनों और होटल एग्रीगेटरों की ग्लोबल ट्रेवल कंपनियों का चयन करने की कोशिश करें।

Posted By: Nitesh