नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। अगर आप अपने सेविंग्स बैंक खाते में मिनिमम बैलेंस नहीं रखते तो बैंक एवरेज मंथली बैलेंस न रखने पर जुर्माना भी वसूल सकता है। वर्ष 2017-18 में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों ने मिलाकर करीब 5000 करोड़ रुपये (4,989.55 करोड़) ग्राहकों से जुर्माने के रूप में जमा किये हैं। सरकार की ओर से बीते महीने लोकसभा में पेश किये गये आंकड़ों के अनुसार यह जुर्माना उन ग्राहकों से लिया गया है जिन्होंने खाते में मिनिमम बैलेंस नहीं रखा था। सरकार ने यह आंकड़ें उस सवाल के जवाब में दिये थे जहां उससे बैंकों की ओर से ग्राहकों से कितना चार्ज वसूला जा रहा है पूछा गया था।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) बैंकों को ग्राहकों को दी जाने वाली सेवाओं पर कुछ निश्चित चार्ज लेने की अनुमति देता है। हालांकि ऐसे भी कई बैंक हैं जहां पर ग्राहकों से मिनिमम बैलेंस न रखने पर चार्ज नहीं लिया जा सकता है। जन धन योजना खातें और सामान्य बचत बैंक जमा खातों पर मिनिमम बैलेंस रखने की अनिवार्यता नहीं है। इन्हें नो फ्रिल्स अकाउंट भी कहा जाता है। अधिकांश बैंक सैलरी अकाउंट को भी मिनिमम बैलेंस रखने के दायरे से बाहर रखते हैं।

जानिए कैसे कैलकुलेट होता है एवरेज मंथली बैलेंस?

हर बैंक के संदर्भ में मिनिमम बैलेंस रखने की अनिवार्यता और जुर्माना अलग अलग होता है। उदाहरण के तौर पर मेट्रो शहरों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते में 3000 रुपये, अर्ध शहरी की शाखा में 2000 रुपये और ग्रामीण शाखाओं में 1000 रुपये की अनिवार्यता है। इन सभी पर शुल्क लगने का आधार अलग अलग होता है।

बता दें कि एवरेज मिनिमम बैलेंस की गणना हर दिन खाते में रहने वाले बैलेंस को देखते हुए मासिक आधार पर की जाती है। उदाहरण के लिए मान लीजिए कि मेट्रो सिटी में 31 दिन के महीने में एसबीआई के खाते में 5000 रुपये पहले 10 दिन, फिर 3000 रुपये अगले 10 दिन और 2000 रुपये अगले 11 दिनों के लिए है। इसका एवरेज मंथली बैलेंस [(5000x10)+(3000x10)+(2000x11)]/31= 3290 रुपये हुआ। इसलिए इस स्थिति में कोई शुल्क नहीं लगेगा।

वहीं अगर आखिरी के 11 दिनों में खाते में बैलेंस 1000 रुपये होता तो एवरेज मिनिमम बैलेंस 2935 रुपये और 10 रुपये (टैक्स) के रूप में उस महीने वसूला जाता। ऐसा इसलिए क्योंकि मिनिमम बैलेंस की अनिवार्यता से यह 50 फीसद कम है। अगर बैलेंस एवरेज मिनिमम का 50 फीसद से 75 फीसद के बीच में है तो 12 रुपये चार्ज और कमी 75 फीसद से ज्यादा है तो 15 रुपये का चार्ज लगता है।

अर्ध शहरी शाखाओं के लिए शुल्क 7.5 रुपये से 15 रुपये के बीच लिया जाता है और ग्रामीण शाखाओं के लिए पांच रुपये से 10 रुपये के बीच चार्ज लिया जाता है। एसबीआई ने छह सालों के गैप के बाद सेविंग्स अकाउंट के लिए इस अनिवार्यता को वापस शुरू कर दिया।

Posted By: Surbhi Jain