नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। घरेलू बाजार में सोने की कीमत रिकॉर्ड स्तर को छू रही है, जिसे देखकर कर्जदाता अब इस अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं। कुछ कर्जदाताओं ने इस उम्मीद के साथ नए गोल्ड लोन की शुरुआत की है कि यह इस वित्त वर्ष में सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट बन जाएगा। लॉकडाउन के बाद अपने व्यवसाय को फिर से शुरू करने के लिए लोगों को नकदी की आवश्यकता पड़ रही है, वे अपने सोने के गहनों के बदले लोन की तलाश में हैं, क्योंकि गोल्ड की कीमतें खुदरा बाजार में 50,000 रुपये प्रति 10-ग्राम के आसपास हैं। सोने के बदले पर्सनल लोन लिया जा सकता है। गोल्ड लोन सिक्योर्ड लोन होता है और इस पर सस्ता लोन यानी बाजार भाव से कम ब्‍याज पर लोन मिल सकता है।

Gold Loan में ज्यादा डॉक्यूमेंटेशन नहीं होता और आपका क्रेडिट स्कोर मायने नहीं रखता क्योंकि आप लोन के बदले जमानत के लिए गोल्ड पहले जमा कर रहे हैं। हाल के समय में कई गोल्ड लोन कंपनियां मौजूद हैं और इनके अलावा अधिकांश बैंक भी गोल्ड लोन दे रहे हैं।

गोल्ड लोन में तेजी का रुख देखकर अब गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की तरह बैंक भी आगे आ गए हैं, बैंकों ने भी गोल्ड लोन वर्टिकल शुरू कर दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि कोरोना काल में बड़ी तादाद में लोगों की नौकरियां गई हैं या फिर उनके वेतन में कटौती की गई है। लोगों के सामने नकदी का संकट पैदा हो गया है। इसलिए लोग सोना गिरवी रख कर कैश ले रहे हैं। चूंकि गोल्ड लोन मिलना आसान है, इसलिए इसे देकर कैश लेने वालों की संख्या बढ़ी है।

बैंकों के लिए कम रिस्क वाला कारोबार

दरअसल, कोरोना काल में बैंक क्रेडिट कार्ड देकर या पर्सनल लोन देकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहते। बैंकों को लग रहा है कि लोन के बदले गोल्ड सबसे सुरक्षित सिक्योरिटी है इसलिए गोल्ड लोन कारोबार में उतर रहे हैं। सिर्फ निजी बैंक ही नहीं, गोल्ड लोन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए बड़े सार्वजनिक बैंक भी गोल्ड लोन सेगमेंट में उतर रहे हैं।

Posted By: Nitesh

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