नई दिल्‍ली, बिजनेस डेस्‍क। रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि केंद्रीय बैंक बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) को लेकर ‘गंभीर’ रूप से चिंतित है और उसने सरकार को इस चिंता से अवगत करा दिया है। दास ने एक कार्यक्रम में कहा कि अब इस मामले में निर्णय सरकार को लेना है। उन्होंने कहा कि क्रिप्टो करेंसी के अर्थव्यवस्था में योगदान के विषय में ‘विश्वसनीय स्पष्टीकरण और जवाब’ की जरूरत है।

क्रिप्टो करेंसी नियमन के दायरे में नहीं

बिटकॉइन जैसी निजी क्रिप्टो करेंसी नियमन के दायरे में नहीं है। इसकी कीमत में भारी उतार-चढ़ाव रहता है। इस तरह की आवाजें उठ रही हैं कि इन्हें विदेशी संपत्ति जैसा माना जाए। सरकार को इस बात पर फैसला करना है कि इन्हें पूरी तरह अनुमति दी जाए या नहीं।

अल सल्वाडोर बिटकॉइन को मान्यता देने वाला पहला देश

अल सल्वाडोर इस सप्ताह बिटकॉइन को मान्यता देने वाला पहला देश है। एक दिन में करेंसी के मूल्य में 20 प्रतिशत ‘करेक्शन’ के बाद वहां काफी तनाव हो गया है। Reserve Bank of India के गवर्नर के मुताबिक मने क्रिप्टो करेंसी को लेकर अपनी गंभीर और बड़ी चिंता से सरकार को अवगत करा दिया है। सरकार को इस पर फैसला करना है।

कुछ बैंकों ने Cryptocurrency में खरीद फरोख्‍त शुरू की

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने शुरुआत में बैंकों को Cryptocurrency जैसी संपत्ति में निवेशकों द्वारा कारोबार की अनुमति को प्रतिबंधित कर दिया था। लेकिन उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने रिजर्व बैंक के आदेश को रद्द कर दिया जिसके बाद इसकी अनुमति मिल गई। खबरों में कहा गया है कि कुछ बैंकों ने इस तरह का कामकाज फिर शुरू कर दिया है। इससे पहले मार्च में दास ने कहा था कि उनके पास यह विश्वास करने की वजह है कि सरकार केंद्रीय बैंक द्वारा जताई गई चिंता से सहमत है।

(Pti इनपुट के साथ)

Edited By: Ashish Deep