विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जेएंडके बैंक के 88 साल पूरे: वित्तीय सशक्तिकरण और सतत विकास का दोहराया संकल्प

Published: Fri, 02 Oct 2026 12:20 PM (IST)

जम्मू एंड कश्मीर बैंक ने वित्तीय सशक्तिकरण के 88 वर्ष पूरे किए, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों की सेवा तथा ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. जेएंडके बैंक ने वित्तीय सशक्तिकरण के 88 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे किए।

  2. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के लोगों की सेवा और सतत विकास का संकल्प।

  3. 'मिशन युवा' में 40,000 उद्यमियों को ₹1,902 करोड़ ऋण स्वीकृत।

जम्मू। जम्मू एंड कश्मीर बैंक ने अपने वित्तीय सशक्तिकरण के 88 वर्ष पूरे होने पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर बैंक ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों की सेवा करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए संस्थान के विकास को बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। 
 
जम्मू स्थित क्षेत्रीय व्यवसाय केंद्र में आयोजित मुख्य समारोह की अध्यक्षता बैंक के प्रबंध निदेशक (MD) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अमिताभ चटर्जी ने की। इस दौरान बैंक के संस्थापक महाराजा हरि सिंह को पुष्पांजलि अर्पित की गई और तत्कालीन राज्य के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में उनके दूरदर्शी योगदान को याद किया गया।
 
एमडी एवं सीईओ चटर्जी ने कहा कि बैंक के पास दो मुख्य लक्ष्य हैं—पहला, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को विश्वस्तरीय वित्तीय सेवाएं प्रदान कर क्षेत्र का आर्थिक विकास करना और दूसरा, बैंक के व्यवसाय को मजबूत बनाना ताकि यह भावी पीढ़ियों की सेवा करता रहे। उन्होंने कहा कि महाराजा हरि सिंह के दूरदर्शी दृष्टिकोण के कारण ही बैंक पिछले 88 वर्षों से वित्तीय सशक्तिकरण के मिशन को आगे बढ़ा रहा है और आज यह क्षेत्र की आर्थिक व्यवस्था के केंद्र में है। चटर्जी ने कहा कि बैंक आज अपने सबसे मजबूत दौर में है, जिसका श्रेय बैंक के पूर्व व वर्तमान कर्मचारियों के समर्पण और हितधारकों के भरोसे को जाता है।

मिशन युवा: जम्मू-कश्मीर सरकार के इस फ्लैगशिप रोजगार कार्यक्रम के तहत बैंक ने अब तक लगभग 40,000 उद्यमियों को ₹1,902 करोड़ के ऋण स्वीकृत किए हैं। इसके अतिरिक्त, युवाओं की सफलता की कहानियों को साझा करने के लिए बैंक अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 'युवा उड़ान' नामक वीडियो सीरीज़ शुरू कर रहा है।

कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व: वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान बैंक ने सीएसआर पहलों के तहत ₹46 करोड़ से अधिक खर्च किए हैं, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और पर्यावरण के क्षेत्र में हजारों लोगों को लाभ मिला है।