Bihar News : दशहरा से पहले बाढ़ पीड़ितों के खाते में पहुंचेगी राहत राशि, घर लौटने तक चलेगी सामुदायिक रसोई
पश्चिम चंपारण में बाढ़ पीड़ितों को दशहरा से पहले आर्थिक सहायता राशि मिलेगी और उनके घर लौटने तक सामुदायिक रसोई ...और पढ़ें

बाढ़ प्रभावित लोगों से मिलने सीएम सम्राट चौधरी। जागरण
HighLights
दशहरा से पहले बाढ़ प्रभावितों को मिलेगी आर्थिक सहायता राशि।
बाढ़ पीड़ितों के घर लौटने तक सामुदायिक रसोई जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों का दौरा कर सुविधाओं का जायजा लिया।
जागरण संवाददता, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। बथना स्थित पीएम श्री राजकीय प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर में संचालित बाढ़ राहत शिविर पहुंचे। सांसद डा संजय जायसवाल ने बताया कि सरकार बाढ़ पीड़ितों के लिए गंभीर है।
बाढ़ प्रभावित सभी पात्र परिवारों के खाते में दशहरा से पहले आर्थिक सहायता की राशि भेजी जाएगी। इसके लिए प्रभावित परिवारों का आकलन कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया।उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन की व्यवस्था जारी रहेगी।
पीछे से पानी आने के कारण जिन पंचायतों में बाढ़ का प्रभाव बढ़ रहा है, वहां भी भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। कम्युनिटी किचन तक नहीं पहुंच पाने वाले परिवारों को चिह्नित कर सूखा राशन दिया जाएगा।
बांध या अन्य सुरक्षित स्थानों पर रह रहे परिवारों को भी जरूरत के अनुसार राशन उपलब्ध कराया जाएगा। बाढ़ से फसल क्षति का भी विस्तृत आकलन कराया जाएगा।
बाढ़ प्रभावितों के घर लौटने तक चलेंगी सामुदायिक रसोई
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित बथना स्थित राहत शिविर का जायजा लिया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध भोजन, पेयजल, चिकित्सा और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली तथा लोगों से उनकी समस्याएं सुनीं।
मुख्यमंत्री ने स्वयं बाढ़ पीड़ितों को भोजन परोसा। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों के घर लौटने और स्थिति सामान्य होने तक सामुदायिक रसोई संचालित रखी जाए। साथ ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की तैनाती बनाए रखते हुए राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी रखने का निर्देश दिया।
आंगनबाड़ी केंद्र का लिया जायजा
मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में संचालित अस्थायी आंगनबाड़ी केंद्र का भी जायजा लिया। बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। चिकित्सा शिविर में दवाओं और उपचार की व्यवस्था देखी।
बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत के दौरान उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली और अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित समाधान का निर्देश दिया। उन्होंने लोगों से अपनी समस्याएं जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों तक पहुंचाने की अपील की।
हवाई सर्वे से सीएम ने जानी बाढ़ की स्थिति
इसके बाद पीएम श्री राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय, बथना स्थित जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष में बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने जिले के मानचित्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, तटबंधों, राहत एवं चिकित्सा शिविरों तथा बचाव कार्यों की जानकारी दी।
उन्होंने प्रभावित आबादी, राहत सामग्री वितरण और एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की तैनाती से भी अवगत कराया।जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि इस बार नेपाल की ओर से अब तक सबसे अधिक पानी आया है।
बगहा, रेवा घाट, लालगंज और गोपालगंज में उच्चतम बाढ़ स्तर दर्ज किया गया है। गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है, हालांकि पानी धीरे-धीरे घट रहा है। डुमरिया पुल के समीप जलस्तर स्थिर है और पानी का दबाव कम हो रहा है।
नावों की पर्याप्त व्यवस्था रखने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने नदियों के जलस्तर और तटबंधों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया। प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में नाव उपलब्ध रखने तथा एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की तैनाती बनाए रखने को कहा। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने और लोगों के सुरक्षित घर लौटने तक प्रशासन को सतर्क रहने का निर्देश दिया।
मौके पर सांसद डॉ. संजय कुमार जायसवाल, सांसद सुनील कुमार, विधायक संजय कुमार पांडे, विधायक विनय बिहारी, पूर्व विधायक उमाकांत सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, चंपारण प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक हरकिशोर राय, जिलाधिकारी तरनजोत सिंह, पुलिस अधीक्षक कुमार गौतम सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद थे।
