पश्चिमी चंपारण में गर्भवती पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पति को 10 साल की सजा
West Champaran Court Verdict: पश्चिमी चंपारण कोर्ट ने गर्भवती पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पति राहुल ...और पढ़ें

सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट से बाहर निकलते सजायाफ्ता पिता-पुत्र, साथ में अधिवक्ता व पुलिस पदाधिकारी। फोटो: जागरण
जागरण संवाददाता, बगहा (पश्चिम चंपारण)। West Champaran Court Verdict: लौकरिया थाना कांड संख्या 61/2025 में गर्भवती पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेंद्र मिश्रा की अदालत ने शनिवार को पति और ससुर को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
अदालत ने पति राहुल यादव को भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी। वहीं, ससुर गब्बर उर्फ कृष्णा यादव को तीन वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।
अदालत ने फैसले में कहा कि न्यायाधीश का कार्य सत्य की खोज करना है और सत्य ही न्याय का आधार है। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों की कड़ियों का परीक्षण करने के बाद अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि अभियोजन पक्ष ने धारा 108 के तहत आरोप संदेह से परे साबित किया है।
दोनों आरोपितों को अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर छह माह के अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भी भुगतनी होगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका की मौत का कारण गला दबाने से दम घुटना बताया गया था। रिपोर्ट में गर्भाशय के बढ़े होने और उसमें भ्रूण होने का भी उल्लेख किया गया था। मृतका पिंकी देवी अपने पति राहुल यादव के घर में मृत पाई गई थी।
अदालत ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों को स्पष्ट करने का दायित्व आरोपी पति पर था, लेकिन वह इसे स्पष्ट करने में सफल नहीं रहा। अपर लोक अभियोजक जितेंद्र भारती ने कहा कि विवाह के करीब डेढ़ वर्ष के भीतर आरोपी पति ने गर्भवती पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने में मुख्य भूमिका निभाई।
अभियोजन के अनुसार, ससुर गब्बर उर्फ कृष्णा यादव परिवार का मुखिया होने के बावजूद विवाद को सुलझाने के बजाय बहू को आत्महत्या के लिए उकसाने में सहयोगी रहा।
बचाव पक्ष ने राहुल यादव की कम उम्र और लंबे समय से न्यायिक हिरासत में रहने का हवाला देते हुए कम सजा की मांग की थी। ससुर के संबंध में उसकी उम्र तथा दो अविवाहित पुत्रियों के भरण-पोषण और शादी की जिम्मेदारी का भी हवाला दिया गया।
अभियोजन ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए कठोर सजा की मांग की। न्यायालय ने जेल में बिताई गई अवधि को सजा की अवधि में समायोजित करने का आदेश दिया है। मामले में करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई पिंकी देवी की मौत के बाद पुलिस ने दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी।
लौकरिया थाना क्षेत्र के पिपराडीह निवासी राजदेव यादव ने अपनी पुत्री पिंकी देवी की शादी 26 फरवरी 2024 को जरार निवासी कृष्णा यादव के पुत्र राहुल यादव के साथ की थी।
आरोप था कि शादी के कुछ दिनों बाद से ही दहेज में चार लाख रुपये और एक वाहन की मांग को लेकर पिंकी को ससुराल पक्ष की ओर से प्रताड़ित किया जाने लगा। 27 मई 2025 को राजदेव यादव को पुत्री की मौत की सूचना मिली।
सूचना मिलने पर वह दामाद के घर पहुंचे तो पिंकी देवी मृत अवस्था में पड़ी थी। घर के अन्य सदस्य वहां से फरार थे। इसके बाद राजदेव यादव ने मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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