बिहार में बेटी के जन्म पर सरकार देती है प्रोत्साहन राशि, पश्चिम चंपारण के इन प्रखंडों ने मारी बाजी
पश्चिम चंपारण जिला मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना में राज्य में सातवें स्थान पर है, जहां 80 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
पश्चिम चंपारण कन्या उत्थान योजना में राज्य में सातवें स्थान पर।
8595 माताओं को बच्चियों के जन्म पर मिली प्रोत्साहन राशि।
चनपटिया और बेतिया प्रखंडों ने योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
जागरण संवाददाता, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। बच्चियों के जन्म पर मिलने वाली लाभुकों को राशि के मामले में पश्चिम चंपारण जिले का स्थान राज्य में सातवें स्थान पर है।
जहां तक उपलब्धि की बात करें, तो यह आंकड़ा 80 प्रतिशत है। इसके लिए प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के लिए दो लाभुकों को इस योजना का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
ऐसे में जिले में कुल आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या 4116 हैं, जिसके लिए कुल 8232 लाभुकों को यह सुविधा उपलब्ध कराई जानी थी। इस योजना का उद्देश्य कन्या जन्म को प्रोत्साहित करना तथा बच्चियों के स्वास्थ्य और शिक्षा को बढ़ावा देना है। जिले में योजना के क्रियान्वयन की स्थिति संतोषजनक रही है
शून्य से दो वर्ष तक की बच्चियों की माताओं को मिला लाभ
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत शून्य से एक वर्ष तक की बच्चियों की 8295 माताओं के खाते में राशि भेजी गई है। वही एक से दो वर्ष तक की बच्चियों की 300 माताओं को भी योजना का लाभ दिया गया है। इस प्रकार कुल 8595 माताओं के बैंक खातों में प्रोत्साहन राशि अंतरित की गई है।
बेहतर उपलब्धि वाले राज्य अन्य जिले
इस योजना में सूबे में पहले स्थान पर मधेपुरा जिला रहा। जबकि दूसरे एवं तीसरे स्थान पर शेखपुरा एवं खगड़िया जिला शामिल है। इसी तरह कैमुर, जमुई, बक्सर के बाद पश्चिम चंपारण जिले में बेहतर काम हुआ है। प्रखंड स्तर पर उपलब्धि देखी जाय, तो 98 प्रतिशत प्राप्त कर चनपटिया प्रखंड पहले स्थान पर रहा। जबकि दूसरे स्थान पर गौनाहा एवं रामनगर का स्थान है।
प्रखंडवार उपलब्धि
- चनपटिया- 98 प्रतिशत
- बेतिया- 98 प्रतिशत
- गौनाहा- 91 प्रतिशत
- रामनगर-91 प्रतिशत
- भितहां- 90 प्रतिशत
- सिकटा--89 प्रतिशत
- योगापट्टी-87 प्रतिशत
- नरकटियागंज -83 प्रतिशत
- बैरिया- 82 प्रतिशत
- बगहा दो- 77 प्रतिशत
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने को कहा गया है। ताकि इस योजना प्रत्येक पात्र माता को मिल सके।
कविता रानी, डीपीओ, आईसीडीएस
