पश्चिम चंपारण से रोजगार की तलाश में बेंगलुरु गया था बेटा, मौत की खबर सुन बिलख उठी मां
पश्चिम चंपारण का 25 वर्षीय मोतीउरहमान रोजगार की तलाश में बेंगलुरु गया था, जहां संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो ...और पढ़ें

मोतीउरहमान की फाइल फोटो।
HighLights
मोतीउरहमान की बेंगलुरु में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत।
दो माह पहले रोजगार के लिए गया था बेंगलुरु।
परिवार शव को गांव लाने का कर रहा प्रयास।
पंचायत सूत्र, मैनाटाड़ (पश्चिम चंपारण)। बेहतर भविष्य के सपने लेकर घर से निकला 25 वर्षीय मोतीउरहमान अब कभी लौटकर नहीं आएगा। जिस बेटे को स्वजन ने रोजगार की तलाश में दो माह पहले बेंगलुरु भेजा था।
सोमवार की सुबह उसकी मौत की खबर पहुंचते ही परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। घर में चीख-पुकार मच गई। मां की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं, वहीं पिता और भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पश्चिमी पकुहवा गांव निवासी अलाउद्दीन मियां के पुत्र मोतीउरहमान की कर्नाटक के बेंगलुरु में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रविवार की रात हुई इस घटना की जानकारी सोमवार की सुबह स्वजन को मिली।
सूचना के अनुसार, मोतीउरहमान अपने डेरे के पास फंदे से लटका मिला था। हालांकि, उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
दो माह पहले रोजगार की तलाश में गया था बेंगलुरु
परिवार के लिए यह खबर किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। मोतीउरहमान करीब दो माह पहले रोजगार की तलाश में बेंगलुरु गया था। स्वजन को उम्मीद थी कि वह वहां काम कर परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने में मदद करेगा। किसी ने नहीं सोचा था कि रोजगार की तलाश में घर से निकले युवक की मौत की खबर मिलेगी।
मौत की सूचना मिलने के बाद गांव में भी शोक का माहौल है। मृतक के पिता अलाउद्दीन मियां, मां हाजरा खातून और भाई फरमान, अरमान, सलमान व शाहरुख खान समेत अन्य स्वजन गहरे सदमे में हैं। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण उसके घर पहुंचे और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी।
शव गांव लाने की कोशिश में जुटे स्वजन
परिवार और ग्रामीण बेंगलुरु से मोतीउरहमान का शव गांव लाने के प्रयास में जुटे हैं। सभी को शव के गांव पहुंचने का इंतजार है, ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके। युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से परिवार के सामने दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
