बिहार में मछली पकड़ने को नहर में डाला जाल, बाहर निकली शेर पर सवार मां दुर्गा की अद्भुत मूर्ति
पश्चिम चंपारण के योगापट्टी में मछली पकड़ने गए छह युवकों को नहर में शेर पर सवार मां दुर्गा की धातु ...और पढ़ें

योगापट्टी प्रखंड के विशुनपुरवा गांव स्थित मंगलपुर उप वितरणी नहर मे मछली पकड़ने के दौरान युवकों को मिलीं मां दुर्गा की मूर्ति।
HighLights
पश्चिम चंपारण की नहर में मिली मां दुर्गा की मूर्ति।
मछली पकड़ने गए छह युवकों ने की अद्भुत खोज।
पुलिस ने मूर्ति को सुरक्षित रखकर जांच शुरू की।
संवाद सूत्र, योगापट्टी (पश्चिम चंपारण)। नहर में मछली पकड़ने गए छह युवकों की नजर पानी के अंदर एक धातु की वस्तु पर पड़ी। उत्सुकता में युवकों ने जब उसे बाहर निकाला तो शेर पर सवार मां दुर्गा की मूर्ति देखकर हैरान रह गए।
देखते ही देखते नहर में मूर्ति मिलने की खबर आसपास के गांवों में फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मूर्ति कहां से आई और कितनी पुरानी है, इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं।
मछली पकड़ते समय दिखी धातु की वस्तु
घटना शनिवार देर शाम की है। मच्छरगावां नगर पंचायत के विशुनपुरवा लाला टोला गांव के रहने वाले नीरज कुमार, राहुल कुमार, संदीप कुमार, दिलीप कुमार, मैहबुल आलम और मंजीत कुमार मंगलपुर उप वितरणी नहर में मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान पानी में उन्हें कोई धातु की वस्तु दिखाई दी। युवकों ने खोजबीन की तो शेर पर सवार मां दुर्गा की धातु की मूर्ति मिली।
मूर्ति निकलते ही जुटने लगी भीड़
युवकों ने मूर्ति को नहर से बाहर निकाला और इसकी जानकारी आसपास के ग्रामीणों को दी। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी इसकी जानकारी दी गई। विधायक विनय बिहारी को सूचना मिलने के बाद उन्होंने योगापट्टी थाने की पुलिस को इसकी जानकारी दी।
पुलिस ने थाने में रखी मूर्ति
सूचना पर पहुंची पुलिस मूर्ति को अपने साथ थाने ले गई और उसे सुरक्षित रखा। थानाध्यक्ष ध्रुव नारायण सिंह ने बताया कि मूर्ति को सुरक्षित रखा गया है। मामले की जानकारी जिले के वरीय अधिकारियों को भी दी गई है।
कहां से आई मूर्ति, जांच जारी
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मूर्ति नहर में कैसे और कहां से आई। फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि मूर्ति किस धातु की बनी है और कितनी पुरानी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से इसकी जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही मूर्ति से जुड़ी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
