पहले पैरों के निशान ढूंढेगी टीम, फिर बेहोश कर पकड़ी जाएगी बाघिन; वीटीआर से बंगाल शिफ्ट करने की तैयारी शुरू
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) से एक बाघिन को पश्चिम बंगाल के बक्सा टाइगर रिजर्व में भेजने की तैयारी शुरू हो ...और पढ़ें

वीटीआर से बंगाल शिफ्ट करने की तैयारी शुरू
HighLights
वीटीआर से बक्सा टाइगर रिजर्व में एक बाघिन स्थानांतरित करने की तैयारी।
विशेषज्ञ टीम बाघिन के स्वास्थ्य, उम्र और व्यवहार का करेगी अध्ययन।
वीटीआर में बाघों की बढ़ती संख्या के कारण स्थानांतरण आवश्यक।
संवाद सहयोगी, बगहा। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) से पश्चिम बंगाल के बक्सा टाइगर रिजर्व में एक बाघिन भेजने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी को लेकर बक्सा टाइगर रिजर्व की विशेषज्ञ टीम इसी सप्ताह वीटीआर पहुंच सकती है।
टीम रिजर्व के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर बाघों की गतिविधियों और उनके आवास का जायजा लेगी। इसके बाद बक्सा भेजे जाने वाली बाघिन के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी।
उम्र, स्वास्थ्य और व्यवहार का अध्ययन करेगी टीम
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के निर्देश के बाद यह प्रक्रिया शुरू की गई है। फिलहाल बक्सा टाइगर रिजर्व के लिए वीटीआर से एक बाघिन की मांग की गई है। विशेषज्ञ टीम बाघों के फुटमार्क, उनकी गतिविधियों, उम्र, स्वास्थ्य और व्यवहार का अध्ययन करेगी।
इसके आधार पर उपयुक्त बाघिन को चिह्नित किया जाएगा। चयन के बाद उसकी नियमित निगरानी और ट्रैकिंग की जाएगी। बाघिन की लोकेशन सुनिश्चित होने पर विशेषज्ञों की टीम उसे ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित तरीके से पकड़ेगी।
बताया जा रहा है कि चयनित बाघिन को दो अक्टूबर 2026 को बक्सा टाइगर रिजर्व भेजने की तैयारी है। वहां पहुंचने के बाद उसे तत्काल जंगल में नहीं छोड़ा जाएगा। पहले उसे बड़े बाड़े में रखा जाएगा, जहां कुछ समय तक उसकी गतिविधियों और स्वास्थ्य की निगरानी की जाएगी। नए वातावरण के अनुकूल होने के बाद उसे जंगल में छोड़े जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
वीटीआर में बढ़ रही है बाघों की संख्या
वीटीआर में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2023 की गणना में यहां 54 बाघ मिले थे। इसके बाद कैमरा ट्रैप और अन्य निगरानी के आधार पर संख्या 75 से अधिक होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है। इनमें करीब 60 वयस्क बाघ-बाघिन और 15 से अधिक शावक बताए जा रहे हैं।
बाघों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नए क्षेत्रों की जरूरत भी महसूस की जा रही है। इसी क्रम में बिहार के कैमूर के जंगलों में दूसरा टाइगर रिजर्व विकसित करने की तैयारी चल रही है। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार बाघों को दूसरे टाइगर रिजर्व में स्थानांतरित किया जा सकता है। चर्चा ये भी है कि बाघिन के बदले में हाथी व गैंडे की मांग वीटीआर प्रशासन कर सकता है।
एनटीसीए से बक्सा टाइगर रिजर्व के लिए एक बाघिन देने का निर्देश मिला है। विशेषज्ञ टीम के आने के बाद बाघिन के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। फुटमार्क, गतिविधि, उम्र, स्वास्थ्य और व्यवहार के आधार पर बाघिन का चयन किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार ट्रैकिंग और ट्रैंकुलाइज की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। - गौरव ओझा, संरक्षक सह निदेशक,वीटीआर
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